पाकिस्तानी मास्टर माइंड और कंबोडिया से ऑपरेशन: दिल्ली पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर गैंग का भंडाफोड़

पाकिस्तानी मास्टर माइंड और कंबोडिया से ऑपरेशन: दिल्ली पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर गैंग का भंडाफोड़
January 11, 2026 at 12:26 pm

दिल्ली पुलिस की स्पेशल यूनिट IFSO ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है, जो विदेशों से ऑपरेट होकर भारत में लोगों को अपना शिकार बना रहा था। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर नागरिकों से करोड़ों रुपये ऐंठ रहा था। अब तक 1000 से अधिक शिकायतें सामने आ चुकी हैं और कुल ठगी की रकम 100 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है।

कंबोडिया से चलता था ठगी का खेल

पुलिस के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क कंबोडिया और अन्य देशों से संचालित हो रहा था। गिरोह के सदस्य पीड़ितों को कॉल कर खुद को पुलिस, एटीएस या जांच एजेंसियों का अधिकारी बताते थे और कहते थे कि उनका नाम आतंकी गतिविधियों या बड़े अपराधों में सामने आया है। डर के माहौल में लोगों से तुरंत पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे।

‘डिजिटल अरेस्ट’ का नया हथकंडा

ठगों का दावा होता था कि पीड़ित को “डिजिटल रूप से गिरफ्तार” किया जा रहा है। वीडियो कॉल, फर्जी दस्तावेज और सख्त भाषा का इस्तेमाल कर लोगों को मानसिक रूप से दबाव में लिया जाता था। घबराए लोग अपनी जीवनभर की बचत इन फर्जी खातों में डाल देते थे।

SIM Box तकनीक से कॉल को बनाते थे लोकल

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी अत्याधुनिक SIM Box तकनीक का उपयोग करते थे। इसके जरिए कंबोडिया से आने वाली विदेशी कॉल पीड़ितों के मोबाइल पर भारतीय लोकल नंबर के रूप में दिखाई देती थी। ट्रैकिंग से बचने के लिए कॉल को जानबूझकर 2G नेटवर्क के माध्यम से रूट किया जाता था।

कई शहरों में छापेमारी, हाई-टेक उपकरण जब्त

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली, मोहाली, कोयंबटूर और मुंबई सहित कई शहरों में एक साथ कार्रवाई करते हुए 22 SIM बॉक्स, 120 चीनी सिम कार्ड, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने भारत से तीन आरोपियों को पकड़ा है, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

विदेशी कनेक्शन: ताइवान से पाकिस्तान तक

गिरफ्तार किए गए लोगों में ताइवानी नागरिक आई-त्सुंग चेन भी शामिल है, जो एक संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस सिंडिकेट के तार चीन, नेपाल, कंबोडिया, ताइवान और पाकिस्तान तक फैले हुए हैं। कुछ आरोपी कंबोडिया में ट्रेनिंग लेकर भारत में ठगी का पूरा सेटअप चला रहे थे।

दिल्ली पुलिसबनी‘स्कैमर’, फिर फंसा गिरोह

इस पूरे ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस ने खुद स्कैमर बनकर गैंग में घुसपैठ की और नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझने के बाद एक-एक कर आरोपियों को पकड़ा। अब पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य विदेशी लिंक और मनी ट्रेल की भी गहन जांच कर रही है।

पुलिस की अपील: अनजान कॉल से रहें सतर्क

दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई खुद को पुलिस, एटीएस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर कॉल करे और पैसों की मांग करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी तरह का भुगतान न करें और नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।