34 साल की महिला की हत्या कर फ्लैट में लगाई आग, 18 वर्षीय पड़ोसी छात्र गिरफ्तार

34 साल की महिला की हत्या कर फ्लैट में लगाई आग, 18 वर्षीय पड़ोसी छात्र गिरफ्तार
January 15, 2026 at 3:11 pm

देश की आईटी राजधानी कहे जाने वाले बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पूर्वी बेंगलुरु के सुब्रमण्य लेआउट स्थित एक अपार्टमेंट में 34 वर्षीय महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर शर्मिला कुशलप्पा की मौत को पहले हादसा माना गया था, लेकिन नौ दिन की जांच के बाद पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। इस मामले में महिला के पड़ोस में रहने वाले 18 वर्षीय छात्र को गिरफ्तार किया गया है।

3 जनवरी की देर रात अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल से आग लगने की सूचना पर दमकल विभाग मौके पर पहुंचा। आग पर काबू पाने के बाद फ्लैट के अंदर शर्मिला का जला हुआ शव बरामद हुआ। शुरुआती तौर पर पुलिस को शक था कि यह शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा हो सकता है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला पूरी तरह पलट गया।

पोस्टमार्टम से खुली सच्चाई

फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आया कि शर्मिला के फेफड़ों में धुएं से जुड़े संकेत नहीं मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आग लगने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। उनकी गर्दन पर दबाव के निशान पाए गए, जो गला घोंटकर हत्या की ओर इशारा करते थे। पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि आग केवल सबूत मिटाने के लिए लगाई गई थी।

कैसे पकड़ में आया आरोपी

जांच के दौरान पुलिस की नजर पास के फ्लैट में रहने वाले 18 वर्षीय पीयूसी छात्र पर पड़ी। पूछताछ में युवक के बयान लगातार बदलते रहे। तकनीकी सबूत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपराध कबूल कर लिया।

आरोपी ने बताया कि वह रात में जबरन शर्मिला के फ्लैट में घुसा और उनसे जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने गुस्से में उनका गला दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद उसने इंटरनेट पर “अपराध के सबूत कैसे मिटाएं” जैसे शब्द सर्च किए और फ्लैट में मौजूद ज्वलनशील वस्तुओं से आग लगा दी। जाते समय वह शर्मिला का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं उसने पहले किसी और के साथ ऐसी हरकत तो नहीं की और क्या इस अपराध में कोई और शामिल था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मजबूत चार्जशीट दाखिल करेंगे ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके।

सुरक्षा पर सवाल

यह घटना एक बार फिर महानगरों में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर महिला अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रही। शर्मिला के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषी को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।

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