महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम है। राज्य की 29 नगर निगमों में हुए चुनावों की मतगणना आज सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है। इन चुनावों में कुल 893 वार्डों की 2,869 सीटों के लिए 15,908 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनके भाग्य का फैसला आज हो जाएगा। चुनाव में करीब 3.48 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
सबसे ज्यादा नजरें देश की सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर टिकी हुई हैं, जहां 2017 के बाद पहली बार चुनाव कराए गए हैं। इसके अलावा पुणे, ठाणे, नवी मुंबई और पिंपरी-चिंचवड़ जैसे बड़े नगर निगमों के नतीजे भी राज्य की सियासत की दिशा तय करेंगे।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) अधिकतर नगर निगमों में महायुति के तहत साथ चुनाव लड़ते नजर आए। हालांकि, पुणे में दोनों दल अलग-अलग मैदान में उतरे, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया।
दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मराठी मानुष के मुद्दे पर गठबंधन किया। करीब दो दशक बाद ठाकरे परिवार के दोनों चचेरे भाइयों का साथ आना चुनावी राजनीति में बड़ी घटना मानी जा रही है। आज के नतीजे यह भी संकेत देंगे कि यह राजनीतिक साझेदारी भविष्य में कितनी मजबूत हो सकती है।
वहीं, एनसीपी के दोनों गुट—अजीत पवार और शरद पवार—ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में वोटों के बंटवारे से बचने के लिए आपसी समझौते के तहत चुनाव लड़ा। इसका असर इन क्षेत्रों के नतीजों में साफ दिखाई दे सकता है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीएमसी समेत प्रमुख नगर निगमों में सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा—भाजपा, शिंदे गुट की शिवसेना, उद्धव ठाकरे की यूबीटी या फिर पवार खेमे को कितनी मजबूती मिलेगी।