ग्रेटर नोएडा हादसा: न चेतावनी बोर्ड, न बैरियर… जहां गई इंजीनियर की जान, वहां बोले सोसाइटी के लोग

ग्रेटर नोएडा हादसा: न चेतावनी बोर्ड, न बैरियर… जहां गई इंजीनियर की जान, वहां बोले सोसाइटी के लोग
January 19, 2026 at 2:20 pm

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। रविवार शाम को लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर मृतक को श्रद्धांजलि दी और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

न चेतावनी बोर्ड, न बैरियर– पूरी तरह असुरक्षित था इलाका

घटना स्थल के पास स्थित EUREKA सोसाइटी के लोगों का कहना है कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा था और न ही बैरियर या बाउंड्री बनाई गई थी। निर्माण स्थल को घेरने के लिए लगाए जाने वाले नीले टिन शेड या सुरक्षा संकेतक भी पूरी तरह नदारद थे।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह हादसा पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है।

पहले भी हो चुका था हादसा, फिर भी नहीं ली गई सुध

स्थानीय निवासी सरिता ने बताया कि कुछ दिन पहले इसी जगह एक ट्रक भी हादसे का शिकार हुआ था, लेकिन उसके बाद भी किसी तरह के सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
उन्होंने कहा, “अगर उस वक्त ही बैरियर या चेतावनी बोर्ड लगाए जाते, तो आज एक जान बच सकती थी।”

कैंडल मार्च निकाल कर लोगों ने जताया विरोध

रविवार शाम को बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। हाथों में
“Justice for Software Engineer”, “Negligence Took a Life”, “Fix the Roads Now”
जैसे पोस्टर लेकर लोगों ने प्रशासन से जवाब मांगा।

स्थानीय निवासी नेहा ने कहा कि रात के समय धुंध और कम विजिबिलिटी के कारण ड्राइवर को अंदाजा ही नहीं हो सका कि सड़क किनारे करीब 70 फीट गहरा गड्ढा मौजूद है। हादसे के बाद राहत कार्य में भी काफी देरी हुई, जिससे युवक की जान नहीं बचाई जा सकी।

JE सस्पेंड, अधिकारियों को नोटिस

मामले के तूल पकड़ने के बाद नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने कड़ी कार्रवाई की है।
➡ ट्रैफिक सेल के JE नवीन कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है
➡ सेक्टर-150 के जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
➡ हादसे वाली जगह पर आनन-फानन में मिट्टी और मलबा डलवाया गया

लोगों की मांग

  • हादसे की निष्पक्ष जांच
  • जिम्मेदार एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई
  • सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन
  • सड़क किनारे बैरियर और चेतावनी बोर्ड अनिवार्य किए जाएं