आज उत्तर प्रदेश अपना 76वां स्थापना दिवस मना रहा है। 24 जनवरी 1950 को अस्तित्व में आए इस प्रदेश ने समय के साथ विकास की लंबी यात्रा तय की है। कभी ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी में गिने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत का मजबूत स्तंभ बन चुका है।
स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सभी नेताओं ने उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक प्रगति और विकास कार्यों की सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर व कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में नए कीर्तिमान बना रहा है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को “नए भारत का ग्रोथ इंजन” बताते हुए कहा कि यूपी अब संभावनाओं और उपलब्धियों का प्रदेश बन चुका है।
उत्तर प्रदेश की पहचान केवल राजनीतिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध रही है। अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि, मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण की लीलाएं, वाराणसी की आध्यात्मिक परंपरा, सारनाथ में भगवान बुद्ध का संदेश और प्रयागराज का संगम — ये सभी यूपी को विश्व पटल पर विशेष पहचान दिलाते हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2000 तक उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। बाद में पर्वतीय क्षेत्रों को अलग कर उत्तराखंड राज्य का गठन किया गया। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश आज भी जनसंख्या, कृषि, उद्योग और सांस्कृतिक विरासत के मामले में देश का सबसे प्रभावशाली राज्य बना हुआ है।
स्थापना दिवस के मौके पर पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रम, सरकारी आयोजन और विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।