अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे के बाद बीमा कंपनियों ने बड़ा भुगतान किया है। एयर इंडिया को इस दुर्घटना में हुए नुकसान के एवज में अब तक करीब ₹1125 करोड़ का बीमा क्लेम मिल चुका है, जबकि हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों को लगभग ₹225 करोड़ का मुआवजा जारी किया गया है।
यह दुर्घटना 12 जून 2025 को हुई थी, जब अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 (बोइंग 787 ड्रीम लाइनर) उड़ान भरने के कुछ समय बाद क्रैश हो गई थी। हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रूमेंबर शामिल थे। केवल एक यात्री ही जीवित बच पाया।
बीमा कंपनियों ने कितना भुगतान किया?
बीमा उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अब तक करीब 125 मिलियन डॉलर(लगभग ₹1,125 करोड़) एयर इंडिया को दिए जा चुके हैं। इसमें:
इसके अलावा, मृत यात्रियों के परिजनों को 25 मिलियन डॉलर(लगभग ₹225 करोड़) का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि यात्रियों से जुड़े दावों की प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
कुल क्लेम ₹4,000 करोड़ से ज्यादा होने की संभावना
रीइंश्योरर GIC Re के मुताबिक, इस हादसे से जुड़े कुल बीमा दावे 475 मिलियन डॉलर (करीब ₹4,275 करोड़) तक पहुंच सकते हैं। इसमें से लगभग 350 मिलियन डॉलर यात्रियों और थर्ड पार्टी लायबिलिटी से जुड़े होंगे।
यह हादसा भारतीय एविएशन इतिहास के सबसे बड़े बीमा दावों में से एक माना जा रहा है।
इंजन और बीमा से जुड़ा अहम खुलासा
सूत्रों के अनुसार, विमान का एक इंजन हाल ही में अस्थायी रूप से बदला गया था, जबकि पुराना इंजन सर्विसिंग में था। अब वह पुराना इंजन रीइंश्योरेंस कंपनियों की संपत्ति माना जाएगा, जिसे बेचकर कुछ राशि की रिकवरी की जा सकती है।
कौन-कौन सी कंपनियां शामिल?
एयर इंडिया की बीमा पॉलिसी में शामिल हैं:
प्राइमरी इंश्योरेंस में:
क्योंकि पॉलिसी का अधिकांश हिस्सा रीइंश्योर किया गया है, इसलिए भारतीय बीमा कंपनियों पर सीधा आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
मुआवजे पर कानूनी पेंच
इस हादसे में मारे गए यात्रियों में:
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के कारण मुआवजे से जुड़े मामले मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत तय होंगे। अगर लापरवाही साबित होती है तो मुआवजे की कोई सीमा नहीं होती। यही वजह है कि आने वाले समय में विदेशी अदालतों में मुकदमे चलने की संभावना भी जताई जा रही है।