डिजिटल दौर में जहां एक क्लिक से काम आसान हो रहा है, वहीं साइबर ठग इसी भरोसे को हथियार बना रहे हैं। दिल्ली में ई-चालान के नाम पर चल रहे एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जिसमें WhatsApp के जरिए भेजी गई APK फाइल से लोगों के मोबाइल हैक कर लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी।
दिल्ली पुलिस की पश्चिमी जिला साइबर सेल ने इस खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ई-चालान जैसा दिखने वाला फर्जी मैसेज भेजते थे, जिसमें एक APK फाइल होती थी। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को डाउनलोड करता, उसका मोबाइल पूरी तरह हैक हो जाता।
कैसे होती थी ठगी?
जांच में सामने आया कि:
FASTag और Amazon Gift Card से की जाती थी मनीलॉन्ड्रिंग
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम सीधे बैंक खाते में न रखकर पहले FASTag वॉलेट में ट्रांसफर की जाती थी।
इसके बाद उसी रकम से Amazon Gift Card खरीदे जाते थे, जिससे पैसों का ट्रेस करना मुश्किल हो जाए।
राजस्थान से चल रहा था साइबर सिंडिकेट
जांच में पता चला कि यह पूरा नेटवर्क राजस्थान से ऑपरेट किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में एक का नाम घनश्याम है, जिसने पहले ई-मित्र सेवा के जरिए बिजली बिल भुगतान का काम किया था। कम कमाई के चलते उसने साइबर ठगी का रास्ता अपनाया और फर्जी फर्म बनाकर बैंक अकाउंट व फास्टैग का इस्तेमाल करने लगा।
दिल्ली पुलिस की चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि:
पुलिस का कहना है कि एक गलत क्लिक आपकी जिंदगी की जमा-पूंजी खत्म कर सकता है।