अपराध की दुनिया में खौफ, कानून की पहचान बने ‘जय-वीरू’
जब भी देश में किसी बड़े गैंगस्टर या आतंकी नेटवर्क का नाम उछलता है, तो दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के दो अफसर ढाल बनकर सामने खड़े हो जाते हैं — इंस्पेक्टर निशांत दहिया और इंस्पेक्टर मंजीत जागलान।
खाकी की यह जोड़ी अब देशभर में ‘दिल्ली पुलिस के जय-वीरू’ के नाम से पहचानी जाती है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर इन दोनों बहादुर अफसरों को पुलिस वीरता पुरस्कार (Police Medal for Gallantry) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनकी निडर पुलिसिंग और बड़े अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का नतीजा है।
हरियाणा के जांबाज, गैंगस्टरों के लिए काल
हरियाणा मूल के निशांत दहिया और मंजीत जागलान 2014 बैच के अधिकारी हैं। अपनी असाधारण कार्यशैली और बहादुरी के चलते दोनों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला।
उत्तर भारत के अंडरवर्ल्ड में इनका नाम सुनते ही बदमाशों के पसीने छूट जाते हैं।
इनकी अगुवाई में —
जैसे खतरनाक संगठनों की कमर तोड़ी गई।
मूसेवाला से सलमान खान केस तक अहम रोल
इस जोड़ी का रिकॉर्ड किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है।
✔ सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के शूटरों तक पहुंच
✔ सलमान खान फायरिंग केस में आरोपियों की धरपकड़
✔ खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की तलाश में बड़ी भूमिका
✔ मोहाली RPG अटैक केस की जांच
✔ संसद सुरक्षा से जुड़े मामलों में अहम इनपुट
इन मामलों में इनकी रणनीति और सटीक ऑपरेशन ने कई बड़े खुलासे किए।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की पहचान
निशांत दहिया और मंजीत जागलान के नेतृत्व में कई खूंखार अपराधी या तो
➡ एनकाउंटर में मारे गए
➡ या आज सलाखों के पीछे हैं
अजय गोली, रोमिल बोहरा जैसे इनामी बदमाशों के खिलाफ हुई कार्रवाई ने इनकी बहादुरी को साबित किया।
पुलिस वीरता पदक से सम्मान
देश की सुरक्षा में अहम योगदान और अपराध के खिलाफ बेखौफ जंग के लिए सरकार ने इन्हें Police Medal for Gallantry से नवाजा है।
यह सम्मान सिर्फ दो अफसरों का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का है जो अपराधियों को साफ संदेश देता है —
कानून से बड़ा कोई नहीं।