साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, वायरल वीडियो विवाद और अंतिम पोस्ट ने बढ़ाया रहस्य

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, वायरल वीडियो विवाद और अंतिम पोस्ट ने बढ़ाया रहस्य
January 29, 2026 at 2:27 pm

राजस्थान के जोधपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। प्रसिद्ध कथावाचक और साध्वी प्रेम बाईसा का बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। उन्हें जोधपुर के आरती नगर स्थित आश्रम से गंभीर हालत में प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

अस्पताल ने क्या बताया

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, साध्वी को बुखार और कमजोरी की शिकायत थी। परिजनों ने बताया कि उन्हें राहत देने के लिए इंजेक्शन लगाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि शरीर पर किसी प्रकार की चोट या हिंसा के निशान नहीं मिले हैं।

वायरल वीडियो से जुड़ा मामला

साध्वी प्रेम बाईसा का नाम बीते साल एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आया था। जुलाई 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह अपने पिता और गुरु महंत वीरमनाथ को गले लगाती नजर आई थीं।
इस वीडियो को कथित तौर पर गलत संदर्भ में एडिट कर प्रसारित किया गया, जिससे उनके चरित्र पर सवाल उठे।

साध्वी ने उस समय इसे साजिश बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और दावा किया था कि वीडियो हटाने के बदले उनसे 20 लाख रुपये की मांग की गई थी। उन्होंने कई संतों और शंकराचार्य को पत्र लिखकर न्याय की गुहार भी लगाई थी।

पिता का आरोप– मानसिक दबाव बना मौत की वजह

साध्वी के पिता महंत वीरमनाथ ने आरोप लगाया कि वायरल वीडियो और लगातार हो रही बदनामी के कारण उनकी बेटी गहरे मानसिक तनाव में थीं। उनका कहना है कि इसी दबाव ने उनकी तबीयत पर असर डाला।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री और डीजीपी से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि इसमें साजिश है तो दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

मौत से पहले किया भावुक पोस्ट

साध्वी प्रेम बाईसा ने निधन से कुछ घंटे पहले इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा था—
“मैंने जीवन का हर पल सनातन धर्म के प्रचार में लगाया, लेकिन मुझे गलत समझा गया। अगर जीवन में न्याय नहीं मिला तो शायद मृत्यु के बाद मिलेगा।”

हालांकि इस पोस्ट की टाइमिंग को लेकर संदेह जताया जा रहा है और कुछ लोग इसे अकाउंट हैकिंग से भी जोड़कर देख रहे हैं।

8 साल की उम्र में लिया था संन्यास

साध्वी प्रेम बाईसा ने बेहद कम उम्र में आध्यात्मिक मार्ग अपना लिया था।

  • 8 साल की उम्र में दीक्षा
  • कथा वाचन और भजन गायन से पहचान
  • दिसंबर 2024 में जोधपुर में आश्रम की स्थापना
  • सोशल मीडिया पर करीब 7 लाख फॉलोअर्स

उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे और वे पश्चिमी राजस्थान में एक जानी-मानी आध्यात्मिक हस्ती थीं।

जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है। परिवार और समर्थकों को आशंका है कि यह केवल प्राकृतिक मौत नहीं है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।