EU-India ट्रेड डील का असर: इंदौर बनेगा देश का नया लॉजिस्टिक्स हब, कोल्ड स्टोरेज सेक्टर को मिलेगा बूस्ट

EU-India ट्रेड डील का असर: इंदौर बनेगा देश का नया लॉजिस्टिक्स हब, कोल्ड स्टोरेज सेक्टर को मिलेगा बूस्ट
February 3, 2026 at 1:12 pm

भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील से मध्य प्रदेश के इंदौर को बड़ी आर्थिक बढ़त मिलने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत यूरोप में निर्यात होने वाले 99.5 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क शून्य कर दिया गया है। इससे न केवल निर्यात में तेजी आएगी, बल्कि उत्पादन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि फार्मा, लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और एमएसएमई सेक्टर इस डील के सबसे बड़े लाभार्थी होंगे। इन क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में एक्सपोर्ट दो गुना होने की संभावना जताई जा रही है।

इंदौर को मिलेगा लॉजिस्टिक्स हब का दर्जा

व्यापारी संगठनों के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय समझौते का सबसे ज्यादा असर इंदौर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों पर दिखेगा। एसोसिएशन अध्यक्ष गौतम कोठारी का कहना है कि यूरोपीय निवेश के बाद इंदौर अमेरिका के ओहियो मॉडल की तरह एक मजबूत लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है।

स्ट्रेटेजिक लोकेशन बनी ताकत

इंदौर की भौगोलिक स्थिति इसे देश के प्रमुख लॉजिस्टिक सेंटर्स में शामिल करती है। यहां से भारत की लगभग 75 प्रतिशत आबादी तक 24 घंटे के भीतर माल पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा, यहां का संतुलित मौसम—न ज्यादा ठंड, न अत्यधिक गर्मी—इसे कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन के लिए आदर्श बनाता है।

यूरोपीय निवेश से घटेगी लागत

यूरोपीय कंपनियां भारत में रेलवे कनेक्टिविटी, पोर्ट मॉडर्नाइजेशन और हाई-स्पीड डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही हैं। इसका बड़ा लाभ पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया को मिलेगा। लक्ष्य है कि पीथमपुर और इंदौर से यूरोप तक माल भेजने की लागत को 30 से 40 प्रतिशत तक कम किया जाए।

भविष्य की तस्वीर

व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इंदौर देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बन सकता है। यूरोपीय निवेश के बाद पीथमपुर से यूरोप को होने वाला निर्यात कई गुना बढ़ेगा। हालांकि, यह देखना अहम होगा कि विदेशी कंपनियां सीधे इंदौर में लॉजिस्टिक सेंटर स्थापित करती हैं या फिर सरकार के साथ मिलकर सब्सिडी मॉडल पर काम करती हैं।