उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र में तीन सगी बहनों द्वारा एक बहुमंजिला इमारत से कूदकर आत्महत्या करने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस दर्दनाक घटना से जुड़े ऐसे पहलू सामने आ रहे हैं, जो हर किसी को हैरान कर रहे हैं।
पुलिस और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला केवल आत्महत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे आर्थिक बदहाली, पारिवारिक उलझनें और मानसिक दबाव की परतें जुड़ी हुई हैं।
ट्रिपल सुसाइड केस: अब तक सामने आए 5 बड़े खुलासे
कोरियन कल्चर का गहरा असर, बदले गए नाम
जांच में पता चला है कि तीनों बहनें कोरियन ड्रामा, म्यूजिक और ऑनलाइन वीडियो से बेहद प्रभावित थीं। उन्होंने अपने असली नाम छोड़कर खुद को मारिया, अलीजा और सिंडी कहना शुरू कर दिया था। सुसाइड नोट में भी उन्होंने लिखा कि उन्हें कोरियन कल्चर से अलग किया जा रहा था, जिससे वे मानसिक रूप से टूट गई थीं।
पिता पर भारी कर्ज, परिवार में बढ़ा तनाव
पुलिस के अनुसार, बहनों के पिता पर करीब दो करोड़ रुपये का कर्ज था। पारिवारिक हालात बेहद जटिल थे। पिता की दो पत्नियां थीं और एक साली भी उसी घर में रहने लगी थी। बताया जा रहा है कि साली के आने के बाद दोनों पत्नियां घर छोड़कर चली गईं, जिनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज है।
आर्थिक तंगी के कारण छूटी पढ़ाई
परिवार की आर्थिक हालत इतनी खराब थी कि तीनों बहनें पिछले दो से तीन साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। हालात ऐसे थे कि हाल ही में घर की बिजली चालू रखने के लिए मोबाइल फोन बेचकर रिचार्ज कराया गया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लगातार आर्थिक दबाव ने बच्चियों की मानसिक स्थिति को कितना प्रभावित किया।
शादी की धमकी और मोबाइल से दूरी
सूत्रों का कहना है कि बच्चियों पर शादी का दबाव बनाया जा रहा था। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए, जिससे वे बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गईं। पुलिस मान रही है कि मोबाइल ही उनका मनोरंजन और भावनात्मक सहारा था, और उसके छिनने से वे गहरे अवसाद में चली गईं।
सुसाइड नोट में भावनात्मक आरोप
मौके से मिले सुसाइड नोट में तीनों बहनों ने लिखा कि उन्हें जबरन कोरियन कल्चर से दूर किया गया। नोट में भावनात्मक शब्दों के साथ परिवार की पुरानी बचपन की तस्वीरें भी रखी गई थीं, जो इस घटना को और भी मार्मिक बना देती हैं।
पुलिस का बयान
ट्रांस हिंडन के डीसीपी के अनुसार, यह घटना 4 फरवरी की है। फिलहाल किसी ऑनलाइन गेम या टास्क-आधारित गतिविधि से जुड़े सबूत नहीं मिले हैं। मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं और पुलिस हर पहलू—पारिवारिक, आर्थिक और मानसिक—से मामले की जांच कर रही है।
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