पड़ोसी देश नेपाल में 5 मार्च को होने वाले संसदीय चुनावों को लेकर भारत और नेपाल ने सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दोनों देशों की आपसी सहमति के बाद भारत-नेपाल सीमा पर मौजूद सभी चेक पोस्ट चुनाव दिवस सहित कुल 72 घंटे के लिए बंद रहेंगे।
इस फैसले का मकसद चुनावी माहौल के दौरान किसी भी तरह की घुसपैठ, तस्करी, अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर रोक लगाना है। सीमा बंद करने का निर्णय चुनाव से दो दिन पहले से लागू होगा और मतदान समाप्त होने के बाद भी जारी रहेगा।
इस संबंध में नेपाल के मोरंग जिले के बीरतनगर में नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) और भारत के सशस्त्र सीमा बल (SSB) के बीच 16वीं डीआईजी स्तर की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों ने चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सीमा निगरानी को और सख्त करने पर सहमति जताई।
बॉर्डर बंद करने की वजह क्या है?
एपीएफ के प्रवक्ता डीआईजी बिष्णु प्रसाद भट्ट के मुताबिक, चुनाव से पहले सीमा सील करना दोनों देशों के बीच पहले से चली आ रही सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती होती है, ऐसे में सीमा पार से किसी भी अवांछित तत्व की एंट्री को रोकना जरूरी हो जाता है।
किन मुद्दों पर बनी सहमति?
बैठक में सीमा पार अपराधों पर लगाम लगाने, तीसरे देश के नागरिकों की अवैध घुसपैठ रोकने, मानव तस्करी, नकली नोट, हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा संवेदनशील सीमा क्षेत्रों की पहचान, संयुक्त गश्त, नियमित जांच, आपदा प्रबंधन अभ्यास और आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
सुरक्षा एजेंसियां शरणार्थियों और प्रवासियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोकने के लिए सतर्क रहेंगी।
नेपाल चुनाव से पहले भारत-नेपाल सीमा पर कड़ी सुरक्षा, 72 घंटे तक सभी बॉर्डर पॉइंट रहेंगे बंद