कुख्यात फाइनेंसर और सेक्स अपराधों के आरोपी Jeffrey Epstein से जुड़े नए दस्तावेज सामने आने के बाद एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक की गई फाइलों में रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin का नाम 1000 से ज्यादा बार दर्ज पाया गया है। सवाल यह है कि आखिर एपस्टीन पुतिन से संपर्क के लिए इतना बेचैन क्यों था?
नए दस्तावेजों में क्या सामने आया?
अमेरिका के United States Department of Justice की ओर से जारी रिकॉर्ड्स से संकेत मिलता है कि एपस्टीन रूस के शीर्ष सत्ता प्रतिष्ठान तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा था। इन कागजातों में दावा किया गया है कि उसने रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov, संयुक्त राष्ट्र में रूस के पूर्व राजदूत Vitaly Churkin समेत कई प्रभावशाली हस्तियों से संपर्क साधने का प्रयास किया।
पुतिन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश
दस्तावेजों के अनुसार, जून 2018 में एपस्टीन ने नॉर्वे के वरिष्ठ नेता और उस समय काउंसिल ऑफ यूरोप के महासचिव Thorbjørn Jagland को ईमेल भेजा था। इसमें उसने अनुरोध किया कि रूसी राष्ट्रपति तक यह संदेश पहुंचाया जाए कि लावरोव उनसे संवाद के लिए तैयार हैं। एपस्टीन ने यह भी लिखा कि पहले वह विताली चुर्किन के माध्यम से रूस से बातचीत करता था, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद उसे नया चैनल तलाशना पड़ रहा है।
1005 बार नाम आने की असली वजह
फाइलों से यह संकेत भी मिलता है कि एपस्टीन खुद को एक अंतरराष्ट्रीय पावर ब्रोकर के तौर पर पेश करना चाहता था। उसने दावा किया कि वह रूस को पश्चिमी देशों से निवेश दिलाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इन दस्तावेजों में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि एपस्टीन की पुतिन से वास्तविक मुलाकात हुई थी। 1005 बार नाम आने के पीछे बड़ी वजह यह है कि इनमें बड़ी संख्या में मीडिया रिपोर्ट्स और न्यूज क्लिपिंग्स शामिल हैं, जो एपस्टीन को भेजी गई थीं।
रूस की प्रतिक्रिया और यूरोप की चिंता
इन खुलासों के बाद यूरोपीय देशों में चिंता बढ़ गई है। पोलैंड के प्रधानमंत्री Donald Tusk ने कहा है कि उनके देश में इस बात की जांच की जाएगी कि कहीं एपस्टीन के संबंध रूसी खुफिया एजेंसियों से तो नहीं थे। वहीं, रूस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने इसे बेबुनियाद और अफवाह करार दिया।
सत्ता के गलियारों में घुसने की चाह
दस्तावेज यह भी दिखाते हैं कि एपस्टीन कुछ रूसी कारोबारियों के संपर्क में था। उसने एक ईमेल में रूसी व्यवसायी Sergey Belyakov को अपना करीबी बताया, जिसे रूस की सुरक्षा एजेंसी एफएसबी से प्रशिक्षण मिला था। विशेषज्ञों के मुताबिक, ये फाइलें इस बात की पुष्टि करती हैं कि एपस्टीन ताकतवर लोगों के बीच अपनी पकड़ बनाना चाहता था, लेकिन अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है जो यह साबित करे कि उसकी सीधी पहुंच पुतिन तक थी।
एपस्टीन फाइल्स में 1005 बार पुतिन का जिक्र: रूसी राष्ट्रपति तक पहुंच बनाने की क्यों थी सेक्स ऑफेंडर को बेताबी?