लाल किला विस्फोट पर बड़ा खुलासा: यूएन रिपोर्ट में जैश का नाम, पाकिस्तान फिर कठघरे में

लाल किला विस्फोट पर बड़ा खुलासा: यूएन रिपोर्ट में जैश का नाम, पाकिस्तान फिर कठघरे में
February 12, 2026 at 1:58 pm

संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर पाकिस्तान की दोहरी आतंक नीति उजागर हो गई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ताज़ा रिपोर्ट में दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट को सीधे तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले की जिम्मेदारी खुद जैश ने ली थी।

यह खुलासा सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की रिपोर्ट में सामने आया है, जिसमें जैश को हाल के कई आतंकी घटनाक्रमों से जोड़ा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जैश प्रमुख मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर को महिलाओं की एक विशेष शाखा ‘जमात-उल-मोमिनात’ के गठन की घोषणा की थी। इस इकाई का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को समर्थन, लॉजिस्टिक मदद और नई भर्तियों में सहयोग करना बताया गया है।

रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने स्पष्ट तौर पर पुष्टि की है कि जैश ने लाल किले के पास हुए विस्फोट समेत कई हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की थी। वहीं, एक अन्य सदस्य देश ने जैश को निष्क्रिय संगठन बताया, जिसे विशेषज्ञ पाकिस्तान की ओर से दिया गया विरोधाभासी बयान मान रहे हैं। यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के दोहरे रवैये को फिर उजागर करता है।

सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट में यह भी दर्ज किया गया है कि जुलाई 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले से जुड़े तीन संदिग्ध आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। हालांकि उस हमले की जिम्मेदारी एक अन्य आतंकी संगठन ने ली थी, लेकिन रिपोर्ट में जैश के संभावित लिंक को अलग से रेखांकित किया गया है।

पहलगाम हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की थी। मई महीने में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य अभियान चलाया, जिससे सीमा पर कई दिनों तक तनावपूर्ण हालात बने रहे। इन अभियानों में जैश और लश्कर जैसे संगठनों के कई अड्डे तबाह हुए और कई बड़े आतंकी मारे गए।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, जैश और लश्कर दोनों को 1990 के दशक से अल-कायदा से संबंधों के चलते 1267 प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इन संगठनों पर हथियारों की खरीद, यात्रा और फंडिंग को लेकर सख्त अंतरराष्ट्रीय पाबंदियां लागू हैं। मसूद अजहर को पहले ही वैश्विक आतंकी घोषित किया जा चुका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह रिपोर्ट पाकिस्तान की “अच्छे और बुरे आतंकवादी” वाली नीति को फिर बेनकाब करती है। जैश द्वारा महिलाओं की नई शाखा बनाए जाने की घोषणा इस बात का संकेत है कि संगठन अपनी गतिविधियों का दायरा बढ़ाने और नई भर्ती पर जोर दे रहा है। लाल किले के पास हुआ विस्फोट देश की राजधानी की सुरक्षा पर सीधा हमला था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।