मध्य प्रदेश में आज से 10वीं बोर्ड परीक्षाओं की औपचारिक शुरुआत हो गई है। राज्यभर में 9 लाख से अधिक छात्र इस अहम परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रदेश के 3,856 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के इंतजाम किए गए हैं।
परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे से पहले केंद्र में प्रवेश करना अनिवार्य किया गया है। निर्धारित समय के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नकल रोकने के लिए तकनीक का सहारा
पिछले वर्षों में सामने आए नकल के मामलों को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग भोपाल स्थित माध्यमिक शिक्षा मंडल के कंट्रोल रूम से की जा रही है।
प्रश्नपत्रों के थानों से वितरण से लेकर परीक्षा समाप्ति तक हर चरण की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। इसके अलावा जिला और विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ते सक्रिय हैं, जिनमें प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं।
3,856 केंद्रों पर परीक्षा, भोपाल में 104 सेंटर
प्रदेशभर में बनाए गए 3,856 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशीलता के आधार पर श्रेणियों में विभाजित किया गया है। राजधानी भोपाल में 10वीं के 30,746 छात्र परीक्षा दे रहे हैं, जबकि 12वीं के 26,627 विद्यार्थी भी इसी सत्र में शामिल हैं। भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
हर जिले में चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं—दो विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर निगरानी करेंगे।
भोपाल और ग्वालियर में अतिरिक्त सतर्कता
हाल ही में 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान भोपाल और ग्वालियर में नकल के 13 मामले सामने आए थे। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए दोनों जिलों में अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को औचक निरीक्षण के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं।
ड्रेस कोड और एडमिट कार्ड अनिवार्य
परीक्षार्थियों को बोर्ड द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड और एडमिट कार्ड के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ पर भी रोक लगाई गई है।
छात्रों के भविष्य से जुड़ी अहम परीक्षा
10वीं बोर्ड परीक्षा छात्रों के शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जाती है। इसी के आधार पर आगे की पढ़ाई और विषय चयन तय होता है। प्रशासन का कहना है कि इस बार परीक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक संगठित, सुरक्षित और तकनीक आधारित है।
प्रदेशभर में परीक्षा को लेकर उत्साह के साथ-साथ सतर्कता का माहौल बना हुआ है। लाखों छात्रों और उनके परिवारों की उम्मीदें इन परीक्षाओं से जुड़ी हैं, ऐसे में सरकार और शिक्षा विभाग की सख्ती यह साफ संकेत देती है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह विश्वसनीय बनाया जा रहा है।
एमपी बोर्ड 10वीं परीक्षा शुरू: 3,856 केंद्रों पर सख्त निगरानी, 9 लाख से ज्यादा छात्र शामिल