बांग्लादेश चुनाव 2026: BNP की बड़ी जीत, पीएम मोदी ने दी बधाई

बांग्लादेश चुनाव 2026: BNP की बड़ी जीत, पीएम मोदी ने दी बधाई
February 13, 2026 at 2:28 pm

बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा मोड़ ला दिया है। मतगणना पूरी होने के बाद Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने बहुमत के साथ निर्णायक बढ़त बना ली है। प्रारंभिक और आधिकारिक रुझानों के अनुसार BNP अब तक 151 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, जिससे सरकार गठन का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

इस चुनाव में सबसे अहम जीत BNP के कार्यकारी अध्यक्ष Tarique Rahman की रही, जिन्होंने ढाका-17 सीट से विजय हासिल की। गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे उन्होंने राजधानी Dhaka के गुलशन मॉडल हाई स्कूल मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान उनकी पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी भी उनके साथ मौजूद रहीं। पार्टी के मीडिया सेल ने उनकी जीत की आधिकारिक पुष्टि की है।

भारत की प्रतिक्रिया

BNP की जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बधाई संदेश भेजते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना की और भारत–बांग्लादेश संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई।

जमात बनी मुख्य विपक्ष

चुनावी नतीजों में Jamaat-e-Islami ने 43 सीटों पर बढ़त बनाते हुए खुद को मुख्य विपक्षी दल के रूप में स्थापित किया है। संसद की नई संरचना में इस बार विपक्ष की भूमिका अधिक प्रभावशाली मानी जा रही है।

सत्ता परिवर्तन के बाद पहला चुनाव

यह चुनाव अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन और सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार आयोजित हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के पद छोड़ने के बाद गठित अंतरिम सरकार के नेतृत्व में जनता को सीधे मतदान का अवसर मिला। अंतरिम सरकार के प्रमुख Muhammad Yunus ने इसे “नए बांग्लादेश की शुरुआत” करार देते हुए शांतिपूर्ण मतदान की अपील की थी।

विवाद और हिंसा की घटनाएं

मतदान के दौरान कई इलाकों से तनाव और हिंसा की खबरें भी सामने आईं। Awami League ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए धांधली और दमन के आरोप लगाए। कुछ स्थानों पर पोलिंग एजेंटों को रोके जाने, पत्रकारों पर हमले और मतदान केंद्रों के बाहर धमाकों की सूचना मिली। हालांकि चुनाव आयोग ने दावा किया कि कहीं भी मतदान बाधित नहीं हुआ और स्थिति नियंत्रण में रही।

बदलती चुनावी तस्वीर

इस बार आवामी लीग के चुनाव मैदान से बाहर रहने के कारण मुकाबला मुख्य रूप से BNP गठबंधन और जमात समर्थित मोर्चे के बीच रहा। युवाओं की सक्रिय भागीदारी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रचार जैसे नए प्रयोगों ने इस चुनाव को खास बना दिया है।