1000 CCTV खंगालने के बाद खुली साजिश: ड्राइवर की गद्दारी से बेनकाब हुआ वैभव गांधी मर्डर केस

1000 CCTV खंगालने के बाद खुली साजिश: ड्राइवर की गद्दारी से बेनकाब हुआ वैभव गांधी मर्डर केस
February 16, 2026 at 2:48 pm

दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में हुए कारोबारी वैभव गांधी हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। Delhi Police की आउटर-नॉर्थ जिला टीम ने करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर इस सनसनीखेज मामले का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश की नींव एक भरोसेमंद शख्स की गद्दारी पर टिकी थी।

घटना 9 फरवरी 2026 की है, जब दिनदहाड़े Bawana Industrial Area में वैभव गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य शूटर को मुठभेड़ के बाद दबोचा गया, जबकि अन्य चार को अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया गया।

गद्दारी से रची गई साजिश

पुलिस के मुताबिक, रविंदर उर्फ रवि—जो पहले ड्राइवर के तौर पर काम कर चुका था—अक्सर पैसों के लेनदेन के सिलसिले में वैभव गांधी के दफ्तर आता-जाता था। उसे यह जानकारी थी कि कार्यालय में बड़ी मात्रा में नकदी रहती है। इसी जानकारी को उसने कुख्यात अपराधी संजय उर्फ ‘ताऊ’ तक पहुंचाया। इसके बाद लूट की योजना ने हत्या का रूप ले लिया।

रेकी, वारदात और फरारी

आरोपियों ने जनवरी–फरवरी में फैक्ट्री इलाके की तीन बार रेकी की। 9 फरवरी की सुबह करीब 11:45 बजे, जैसे ही वैभव गांधी सेक्टर-4, डीएसआईआईडीसी पहुंचे, हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और दो राउंड फायरिंग कर मौके पर ही हत्या कर दी। वारदात के बाद लैपटॉप, मोबाइल और अहम दस्तावेजों से भरे तीन बैग लूट लिए गए। जांच को भटकाने के लिए सोशल मीडिया पर विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नाम से पोस्ट भी डाली गई।

1000 CCTV और मुठभेड़

डीसीपी के नेतृत्व में बनी विशेष टीमों ने दिल्ली-एनसीआर के करीब 1000 कैमरों की फुटेज खंगाली। सबूतों की कड़ी जुड़ती गई और पुलिस मास्टरमाइंड तक पहुंची। मुख्य शूटर की गिरफ्तारी के लिए 14 फरवरी की रात जाल बिछाया गया। बिना नंबर की बाइक पर आ रहे आरोपी ने घिरते ही पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और दबोच लिया गया। उसके पास से .32 बोर पिस्टल, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद हुई।

आरोपी और उनकी भूमिका

  • संजय उर्फ ताऊ (54): साजिश का मास्टरमाइंड, दर्जनों आपराधिक मामलों का इतिहास।
  • अरुण उर्फ पागल (37): मुख्य शूटर, मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार।
  • संदीप पुजारी (28): हमले में शामिल।
  • रविंदर उर्फ रवि (42): मुखबिर और पूर्व ड्राइवर।
  • हरीश उर्फ सोनू (45): लूटे गए सामान का रिसीवर।


पुलिस के मुताबिक, यह मामला दिखाता है कि कैसे अंदरूनी जानकारी और लालच मिलकर एक जघन्य अपराध को जन्म दे सकते हैं। आगे की जांच जारी है।