आठ मजदूरों की मौत के बाद भिवाड़ी फैक्ट्री सील, अवैध पटाखा निर्माण का खुलासा

आठ मजदूरों की मौत के बाद भिवाड़ी फैक्ट्री सील, अवैध पटाखा निर्माण का खुलासा
February 17, 2026 at 2:28 pm

राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हुए भीषण फैक्ट्री अग्निकांड के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक आठ मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों का इलाज AIIMS Delhi में चल रहा है।

मृतकों के परिजनों की शिकायत पर फैक्ट्री मालिक और संचालन से जुड़े लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने फैक्ट्री मैनेजर अभिनंदन तिवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था, जिसके चलते यह भयावह हादसा हुआ।

हादसे के समय फैक्ट्री के भीतर करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक तेज धमाकों के साथ आग भड़क उठी, जिससे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। आग इतनी विकराल थी कि कई शव बुरी तरह जल गए और उनकी पहचान डीएनए जांच के बाद ही संभव हो सकेगी। रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल से जले हुए बॉडी पार्ट्स पॉलीथिन में एकत्र किए।

अवैध पटाखा निर्माण की पुष्टि

मौके से बड़ी मात्रा में पटाखे, बारूद और पैकिंग सामग्री बरामद की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिस प्लॉट को रेडीमेड गारमेंट्स यूनिट के लिए आवंटित किया गया था, वहां अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था।

भिवाड़ी की सभी औद्योगिक इकाइयों की होगी जांच

हादसे के बाद प्रशासन ने अगले सात दिनों में भिवाड़ी की सभी औद्योगिक इकाइयों की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम बनाई गई है, जो अग्नि सुरक्षा मानकों, वैधानिक अनुमतियों और श्रमिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी।

मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा

राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने इस घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 3-3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और घायलों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मामले की उच्चस्तरीय जांच के संकेत भी दिए गए हैं।

जांच जारी

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। फैक्ट्री से जुड़े लाइसेंस, दस्तावेज और संचालन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि अवैध गतिविधियों और लापरवाही की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह हादसा औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।