भारत-फ्रांस रक्षा रिश्तों में नया अध्याय: मुंबई में पीएम मोदी और मैक्रों की अहम मुलाकात, राफेल डील पर बढ़ेगी बात

भारत-फ्रांस रक्षा रिश्तों में नया अध्याय: मुंबई में पीएम मोदी और मैक्रों की अहम मुलाकात, राफेल डील पर बढ़ेगी बात
February 17, 2026 at 2:28 pm

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंच चुके हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचता नजर आ रहा है। तेजी से गहराते सामरिक रिश्तों के चलते फ्रांस को अब भारत का ‘नया रूस’ कहा जाने लगा है।

दशकों तक भारत का सबसे भरोसेमंद रक्षा साझेदार रहे रूस की तरह ही अब फ्रांस भी दीर्घकालिक, उच्च तकनीक और रणनीतिक रूप से अहम सहयोगी के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रपति मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत में रहेंगे और इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अहम द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।

रक्षा सहयोग पर रहेगा खास फोकस

दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली वार्ता में भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। रक्षा क्षेत्र में सहयोग को अगले स्तर तक ले जाने, सह-विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देने तथा उभरती तकनीकों में साझेदारी पर विशेष चर्चा होगी।

मंगलवार शाम को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का उद्घाटन करेंगे। यह मैक्रों की भारत की चौथी और मुंबई की पहली यात्रा है।

राफेल और हैमर मिसाइल सौदे पर अहम संकेत

17 फरवरी को बेंगलुरु में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की मौजूदगी में भविष्य की रक्षा रूपरेखा पर चर्चा प्रस्तावित है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वैटरीन की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कई अहम रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, राफेल लड़ाकू विमानों की नई खरीद और ‘हैमर’ मिसाइलों के संयुक्त निर्माण को लेकर समझौते पर मुहर लग सकती है। हाल ही में सौ से अधिक राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के फैसले ने भारत-फ्रांस रक्षा संबंधों को नई मजबूती दी है।

सिर्फ खरीद नहीं, साझेदारी का नया मॉडल

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग अब केवल खरीददार-विक्रेता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तकनीक हस्तांतरण, प्रशिक्षण, रखरखाव और संयुक्त उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ चुका है। यही कारण है कि फ्रांस को भारत के रक्षा आधुनिकीकरण का एक प्रमुख स्तंभ माना जा रहा है।

ए आई, हिंद-प्रशांत और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा

रक्षा के अलावा, दोनों नेता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विचार करेंगे। राष्ट्रपति मैक्रों भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भी हिस्सा लेंगे, जिससे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, मैक्रों की यह यात्रा भारत-फ्रांस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के एक नए और मजबूत दौर में ले जाने का संकेत दे रही है।