क्या ट्रंप ने खामेनेई के बेटे को ‘टारगेट’ किया? जानिए कितना ताकतवर है ईरान का संभावित अगला सुप्रीम लीडर

क्या ट्रंप ने खामेनेई के बेटे को ‘टारगेट’ किया? जानिए कितना ताकतवर है ईरान का संभावित अगला सुप्रीम लीडर
February 23, 2026 at 3:51 pm

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति को गर्मा दिया है। हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Donald Trump प्रशासन ईरान के खिलाफ कड़े विकल्पों पर विचार कर रहा है। इन दावों में यह भी कहा गया कि ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को लेकर सख्त रणनीति तैयार की गई है।

हालांकि, किसी भी तरह के “किल ऑर्डर” की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी नीति में विदेशी नेताओं की हत्या को लेकर स्पष्ट कानूनी और रणनीतिक सीमाएं रही हैं। ऐसे में इन दावों को लेकर अभी तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।

क्या है ट्रंप प्रशासन का रुख?

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की प्राथमिक चिंता ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। वॉशिंगटन का मानना है कि अगर तेहरान यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) को नहीं रोकता, तो सैन्य विकल्प भी खुले रह सकते हैं।

2018 में ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) से अमेरिका को बाहर कर लिया था। इसके बाद से दोनों देशों के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

कौन हैं मोजतबा खामेनेई?

Mojtaba Khamenei को ईरान के संभावित अगले सुप्रीम लीडर के रूप में देखा जाता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर उनकी उम्मीदवारी घोषित नहीं हुई है, लेकिन तेहरान की सत्ता के गलियारों में उन्हें प्रभावशाली माना जाता है।

कहा जाता है कि उनका सुरक्षा ढांचे पर गहरा प्रभाव है, खासकर:

  • Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC)
  • बसीज मिलिशिया

ये दोनों बल ईरान की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय रणनीति की रीढ़ माने जाते हैं।

कितना पावरफुल होता है ईरान का सुप्रीम लीडर?

ईरान में सुप्रीम लीडर का पद राष्ट्रपति से भी ऊपर होता है। उनके पास:

  • सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमान
  • न्यायपालिका और मीडिया पर प्रभाव
  • विदेश और परमाणु नीति पर अंतिम निर्णय
  • शीर्ष सैन्य अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार

अगर मोजतबा खामेनेई भविष्य में इस पद पर आते हैं, तो ईरान की नीतियों में और अधिक कठोर रुख देखने को मिल सकता है — ऐसा पश्चिमी विश्लेषकों का मानना है।

परमाणु विवाद: असली जड़

ईरान ने हाल के वर्षों में यूरेनियम को 60% तक समृद्ध करने की पुष्टि की है। परमाणु हथियार-ग्रेड स्तर करीब 90% माना जाता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को आशंका है कि यह कार्यक्रम हथियार बनाने की दिशा में बढ़ सकता है, जबकि ईरान का दावा है कि उसका कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है।

ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी शर्तों को “काफी सख्त” बताया है। वहीं, अमेरिका चाहता है कि कोई भी समझौता उसके लिए कूटनीतिक जीत साबित हो।

इज़रायल और खाड़ी देशों की भूमिका

इज़रायल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता रहा है। खाड़ी देशों में भी ईरान के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता है। हालांकि, प्रत्यक्ष युद्ध की स्थिति पूरे मध्य-पूर्व को अस्थिर कर सकती है।

निष्कर्ष

अमेरिका और ईरान के बीच टकराव फिलहाल बयानबाजी और रणनीतिक दबाव के स्तर पर है। खामेनेई और उनके बेटे को लेकर सामने आई खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

लेकिन इतना तय है कि अगर मोजतबा खामेनेई भविष्य में ईरान के सुप्रीम लीडर बनते हैं, तो क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति पर उसका बड़ा असर पड़ सकता है।