भारत में हवाई यात्रा को अधिक सुविधाजनक और यात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने देश की सभी एयरलाइंस कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे पालतू जानवरों के साथ यात्रा को लेकर स्पष्ट और एक समान ‘पेट पॉलिसी’ तैयार करें। सरकार का मानना है कि बदलती जीवनशैली और नई पीढ़ी में पालतू जानवर पालने का चलन तेजी से बढ़ा है, इसलिए अब एयरलाइंस सेवाओं को भी इस बदलाव के अनुरूप ढालना जरूरी हो गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस कंपनियों के साथ हाल ही में हुई चर्चा में कहा कि यात्रियों को पालतू जानवरों के साथ यात्रा करने में अक्सर भ्रम और असुविधा का सामना करना पड़ता है। अलग-अलग एयरलाइंस के अलग नियम होने के कारण कई बार यात्रियों को टिकट बुकिंग के बाद पता चलता है कि उनका पालतू जानवर विमान में नहीं जा सकता।
मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी एयरलाइंस एक पारदर्शी और स्पष्ट नीति बनाएं, जिसमें यह तय हो कि किस प्रकार के पालतू जानवरों को यात्रा की अनुमति होगी, उनका वजन कितना होना चाहिए, उन्हें केबिन में रखा जाएगा या कार्गो में, और इसके लिए कितना शुल्क लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि यात्रियों को टिकट बुक करते समय ही यह विकल्प मिल जाए कि वे अपने पालतू जानवर के साथ यात्रा करना चाहते हैं। इसके लिए एयरलाइंस को ऑनलाइन सिस्टम और मोबाइल ऐप में भी अलग विकल्प देने होंगे।
मंत्री के अनुसार, नई पीढ़ी के यात्रियों में पालतू जानवरों को परिवार का सदस्य माना जाता है, इसलिए उनकी यात्रा की सुविधा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भारत में अभी तक पालतू जानवरों के साथ हवाई यात्रा को लेकर कोई एक समान नियम नहीं है। हर एयरलाइन अपने हिसाब से नियम बनाती है।
कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:
इन अलग-अलग नियमों के कारण यात्रियों को पहले से जानकारी न होने पर परेशानी होती है। कई बार उन्हें यात्रा रद्द करनी पड़ती है या पालतू जानवर को घर पर छोड़ना पड़ता है।
कोविड के बाद भारत में पालतू जानवर पालने का चलन काफी बढ़ा है। खासकर बड़े शहरों में लोग कुत्ते और बिल्ली को परिवार का हिस्सा मानते हैं। इसी कारण अब हवाई यात्रा में भी पेट फ्रेंडली व्यवस्था की मांग बढ़ रही है।
नई पेट पॉलिसी लागू होने के बाद यात्रियों और एयरलाइंस दोनों को कई फायदे हो सकते हैं।
सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को पहले से स्पष्ट जानकारी मिलेगी। उन्हें पता होगा कि उनके पालतू जानवर के लिए कौन-सा कैरियर चाहिए, कितना शुल्क देना होगा और किस प्रक्रिया का पालन करना होगा।
दूसरा फायदा सुरक्षा से जुड़ा है। जब एक तय नियम होगा तो एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि जानवरों को कार्गो में रखते समय तापमान, हवा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए।
तीसरा फायदा यह है कि इससे एयरलाइंस के लिए नया बिजनेस अवसर भी पैदा होगा। विदेशों में पेट ट्रैवल एक बड़ा उद्योग बन चुका है और भारत में भी इसकी संभावना तेजी से बढ़ रही है।
इसके अलावा, यह फैसला भारत की विमानन सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब लाने में मदद करेगा। अमेरिका और यूरोप की कई एयरलाइंस पहले से ही पेट फ्रेंडली सेवाएं देती हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि
“मैं चाहता हूं कि देश की सभी एयरलाइंस की अपनी स्पष्ट पेट पॉलिसी हो। आज की नई पीढ़ी अपने पालतू जानवरों के साथ यात्रा करना चाहती है और हमें उनकी जरूरतों को समझना होगा। एयरलाइंस को यह तय करना होगा कि वे यात्रियों और उनके पालतू जानवरों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा कैसे सुनिश्चित करें।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मामले में एयरलाइंस से बातचीत कर रही है और जल्द ही एक व्यवस्थित व्यवस्था देखने को मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला समय की जरूरत है। भारत में तेजी से शहरीकरण बढ़ रहा है और लोगों की जीवनशैली बदल रही है। अकेले रहने वाले युवाओं और कामकाजी दंपतियों में पालतू जानवर रखने का चलन काफी बढ़ गया है।
अब लोग छुट्टी, नौकरी या स्थान परिवर्तन के दौरान अपने पालतू जानवर को साथ ले जाना चाहते हैं। ट्रेन यात्रा में लंबा समय लगता है और कई बार नियम जटिल होते हैं, इसलिए हवाई यात्रा सबसे आसान विकल्प है।
हालांकि, इस फैसले के साथ कुछ चुनौतियां भी होंगी। एयरलाइंस को सुरक्षा, सफाई, एलर्जी और अन्य यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखना होगा। इसलिए नीति बनाते समय संतुलन जरूरी होगा।
यदि सही तरीके से नियम बनाए गए तो भारत में पेट ट्रैवल सेक्टर तेजी से बढ़ सकता है।
सरकार द्वारा एयरलाइंस को स्पष्ट पेट पॉलिसी बनाने का निर्देश हवाई यात्रा को अधिक आधुनिक और यात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी जो अपने पालतू जानवरों को परिवार का हिस्सा मानते हैं और उनके बिना यात्रा नहीं करना चाहते।
नई नीति लागू होने के बाद उम्मीद है कि भारत में हवाई यात्रा अधिक समावेशी, सुविधाजनक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बन सकेगी।
1. क्या अब हर एयरलाइन में पालतू जानवर ले जा सकेंगे?
नई नीति बनने के बाद ज्यादातर एयरलाइंस को स्पष्ट नियम बनाने होंगे, लेकिन अंतिम फैसला एयरलाइन का होगा।
2. क्या पालतू जानवर केबिन में जा सकेंगे?
छोटे वजन के पालतू जानवरों को केबिन में अनुमति मिल सकती है, लेकिन यह एयरलाइन के नियम पर निर्भर करेगा।
3. क्या इसके लिए अलग शुल्क देना होगा?
हाँ, ज्यादातर मामलों में पालतू जानवर के साथ यात्रा करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है।
4. क्या ऑनलाइन टिकट में पेट बुकिंग का विकल्प मिलेगा?
सरकार चाहती है कि एयरलाइंस ऑनलाइन बुकिंग में पेट विकल्प जोड़ें।
5. नई पेट पॉलिसी कब लागू होगी?
सरकार ने निर्देश दिए हैं, लेकिन सभी एयरलाइंस की नीति बनने के बाद ही पूरी तरह लागू होगी।
हवाई सफर में अब साथ ले जा सकेंगे पालतू कुत्ते-बिल्ली, सरकार ने एयरलाइंस को नई ‘पेट पॉलिसी’ बनाने के दिए निर्देश