मेरठ में दिल दहला देने वाला मामला: 5 महीने तक बेटी के शव के साथ रहा पिता, कंकाल बनने के बाद हुआ खुलासा

मेरठ में दिल दहला देने वाला मामला: 5 महीने तक बेटी के शव के साथ रहा पिता, कंकाल बनने के बाद हुआ खुलासा
April 11, 2026 at 3:43 pm

उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद चौंकाने और भावनात्मक रूप से विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक पिता अपनी बेटी की मौत को स्वीकार नहीं कर पाया और उसने अंतिम संस्कार करने की बजाय उसकी लाश को घर में ही रख लिया। यह स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पांच महीने बाद जब सच्चाई सामने आई, तो शव पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था। पुलिस और स्थानीय लोगों के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं थी।

यह मामला मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ले का है, जहां मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले उदय भानु बिस्वास अपनी बेटी प्रियंका के साथ रहते थे। प्रियंका की उम्र लगभग 34 वर्ष थी और वह कंप्यूटर विषय की शिक्षिका थी।

घटना का खुलासा तब हुआ जब प्रियंका के रिश्तेदारों को लंबे समय से उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था। प्रियंका के चचेरे भाई बिस्वजीत विश्वास ने जब उदय भानु को फोन किया तो पहले उन्होंने कॉल काट दी। बाद में बात करने पर उन्होंने बताया कि प्रियंका बीमार है और देहरादून में इलाज चल रहा है। इस जवाब से परिजनों को शक हुआ।

कुछ दिन बाद सूचना मिली कि उदय भानु मेरठ में ही एक चाय की दुकान पर देखे गए हैं। इसके बाद परिजन वहां पहुंचे और उन्हें पकड़कर घर ले आए। जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया कि प्रियंका का शव घर के अंदर ही है।

पुलिस को सूचना दी गई और जब टीम मौके पर पहुंची तो घर की स्थिति देखकर सभी दंग रह गए। कमरे में भारी गंदगी थी और बेड पर पड़ा शव पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था। दुर्गंध इतनी तीव्र थी कि पुलिस को भी अंदर जाने में कठिनाई हो रही थी।

जांच में पता चला कि उदय भानु शव की बदबू को छिपाने के लिए लगातार परफ्यूम का इस्तेमाल करता था। घर से कई खाली और भरी हुई परफ्यूम की बोतलें बरामद की गईं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया।

प्रारंभिक पूछताछ में उदय भानु ने बताया कि उसकी बेटी को काला पीलिया (जॉन्डिस) हो गया था। वह उसका इलाज कराने की बजाय झाड़-फूंक पर विश्वास करता था। हालत बिगड़ने पर प्रियंका की मौत हो गई, लेकिन पिता ने इस सच्चाई को स्वीकार नहीं किया।

परिवार की पृष्ठभूमि भी इस घटना से जुड़ी हुई दिखाई देती है। वर्ष 2013 में उदय भानु की पत्नी शर्मिष्ठा ने आत्महत्या कर ली थी। उस समय उदय भानु नौकरी के कारण घर से दूर रहते थे, जिससे पारिवारिक तनाव बढ़ गया था। पत्नी की मौत के बाद प्रियंका गहरे मानसिक सदमे में चली गई थी और काफी शांत रहने लगी थी।

इस घटना ने समाज में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक समर्थन की कमी जैसे मुद्दे फिर से चर्चा में आ गए हैं। यह मामला बताता है कि अकेलापन और मानसिक आघात किस हद तक व्यक्ति को असामान्य व्यवहार की ओर धकेल सकता है।

भारत जैसे देश में, जहां मानसिक स्वास्थ्य को अभी भी पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया जाता, यह घटना चेतावनी का काम करती है। यदि समय रहते उचित मदद मिलती, तो शायद यह दुखद स्थिति टाली जा सकती थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि “शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी पिता से पूछताछ जारी है और मानसिक स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है।”

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विफलता का उदाहरण भी है। एक पिता का अपनी बेटी के शव के साथ महीनों तक रहना सामान्य नहीं है, बल्कि यह गहरे मानसिक आघात और अस्वीकार्यता (denial) की स्थिति को दर्शाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अचानक अपने करीबी को खो देता है, तो वह कई बार इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पाता। ऐसे मामलों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और सामाजिक अलगाव स्थिति को और बिगाड़ देते हैं।

इसके अलावा, झाड़-फूंक जैसी मान्यताओं पर भरोसा करना भी गंभीर समस्या है, जो कई बार इलाज में देरी का कारण बनता है।

मेरठ की यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है। यह हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपने आसपास के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान दे रहे हैं? क्या हम समय पर मदद पहुंचा पा रहे हैं?

जरूरत है कि मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए, लोगों को जागरूक किया जाए और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जाए। तभी ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

1. यह घटना कहां की है?
यह घटना उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के सदर बाजार क्षेत्र की है।

2. शव कितने समय तक घर में रखा गया था?
लगभग 5 महीने तक शव घर में रखा गया था।

3. शव की स्थिति कैसी थी?
शव पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था।

4. पुलिस को कैसे जानकारी मिली?
परिजनों को शक होने पर उन्होंने जांच की और पुलिस को सूचना दी।

5. आरोपी पिता ने ऐसा क्यों किया?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह बेटी की मौत को स्वीकार नहीं कर पाया और मानसिक रूप से प्रभावित था।