दिल्ली नगर निगम (MCD) की 12 सीटों पर रविवार, 30 नवंबर 2025 को उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद नगर निगम का चुनाव राजधानी के स्थानीय शासन में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए सभी दल इन सीटों को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच है।
मतदान की रफ्तार धीमी
सुबह 9:30 बजे तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 5.4% मतदान दर्ज किया गया है।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और अधिकारी लगातार मतदाताओं को बाहर निकलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
53 उम्मीदवार मैदान में
इन 12 वार्डों में कुल 53 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें से अधिकांश सीटें पहले भाजपा के पास थीं।
उपचुनाव की 12 सीटें इसलिए खाली हुईं क्योंकि 11 पार्षद विधायक बने और एक पार्षद सांसद बनने के बाद इस्तीफा दिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जो शालीमार बाग-बी वार्ड से पार्षद रही हैं, आज वार्ड-56 के बूथ पर वोट डालेंगी।
जिन 12 सीटों पर हो रहा मतदान
पहले किसका कब्जा था?
उपचुनाव से पहले 12 में से 9 सीटें भाजपा के पास थीं, जबकि 3 सीटें AAP के कब्जे में थीं।
बीजेपी के पास:
शालीमार बाग-बी, द्वारका-बी, ग्रेटर कैलाश, दिचाऊं कलां, नारायणा, संगम विहार-ए, विनोद नगर, अशोक विहार, मुंडका।
AAP के पास:
चांदनी महल, चांदनी चौक, दक्षिणपुरी।
चांदनी महल में सबसे रोचक मुकाबला
चांदनी महल वार्ड उपचुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला बन गया है।
इस विवाद के बाद AAP के लिए इस सीट को दोबारा जीतना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
मतगणना
इन 12 वार्डों की मतगणना 3 दिसंबर 2025 को होगी।
नतीजे तय करेंगे कि दिल्ली नगर निगम में किस दल का प्रभाव मजबूत होता है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने पहले बड़े राजनीतिक परीक्षा में कैसा प्रदर्शन करती हैं।