सुपौल में नेपाली महिला ने फर्जी दस्तावेज़ से सरकारी शिक्षक नौकरी और नगर परिषद अध्यक्ष पद हासिल किया

सुपौल में नेपाली महिला ने फर्जी दस्तावेज़ से सरकारी शिक्षक नौकरी और नगर परिषद अध्यक्ष पद हासिल किया
January 8, 2026 at 2:55 pm

सुपौल के त्रिवेणी गंज नगर परिषद से एक बड़ा मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें एक नेपाली महिला ने फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे पहले सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल की और फिर नगर परिषद चेयरमैन का पद भी पाया।

जानकारी के अनुसार, संगीता कुमारी यादव मूल रूप से नेपाल के सप्तरी जिले की रहने वाली हैं। शादी के बाद वे सुपौल में रहने लगीं, लेकिन भारतीय नागरिकता लेने की वैध प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके बावजूद उन्होंने अपने दस्तावेज़ों में संशोधन कर काम कर लिया और सरकारी शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाई।

आरोप है कि संगीता ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र का उपयोग किया, जो असल में मधुबनी की एक और महिला के नाम के थे। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर उन्होंने करीब 7 साल तक शिक्षक के रूप में वेतन लिया और बाद में नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर भी चुनाव जीता।

जब यह मामला सामने आया, तो निर्वाचन आयोग ने 30 सितंबर 2025 को उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया, क्योंकि उन्होंने भारतीय नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया था। उसके बावजूद भी वे चेयरमैन के पद पर बने हुए हैं, जिससे प्रशासन और स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

एक RTI कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता ने प्रशासन और चुनाव आयोग से शिकायत की है, जिसमें संगीता कुमारी यादव को पद से हटाने, फर्जी वेतन की वसूली तथा फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।