उदयपुर के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया जी मंदिर में भक्तों की आस्था एक बार फिर देखने लायक रही। हाल ही में मंदिर भंडार की छह चरणों में हुई गणना पूरी हुई, जिसमें कुल 35 करोड़ 40 लाख 93 हजार 313 रुपये की आय दर्ज की गई। इस राशि में नकद, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और सोना-चांदी की भेंट शामिल है।
सोना-चांदी से सजा भंडार, श्रद्धा में नहीं आई कमी
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार भगवान सांवरा सेठ को करीब 90 लाख रुपये मूल्य का सोना और 2 करोड़ 80 लाख रुपये की चांदी अर्पित की गई। कुल मिलाकर सोने-चांदी की कीमत लगभग 3 करोड़ 70 लाख रुपये आंकी गई है।
महंगे दामों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी।
छह दिन चली भंडार गणना
भंडार की गिनती 17 जनवरी (कृष्णपक्ष चतुर्दशी) से शुरू हुई थी।
दिनवार आंकड़े इस प्रकार रहे—
केवल नकद चढ़ावे से ही 28.68 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
ऑनलाइन दान ने बढ़ाई मंदिर की आय
डिजिटल माध्यमों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दान किया।
मनी ट्रांसफर, चेक और ऑनलाइन भुगतान के जरिए 6 करोड़ 72 लाख 80 हजार 145 रुपये मंदिर को प्राप्त हुए।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि ऑनलाइन सुविधा शुरू होने के बाद देश-विदेश से भक्त आसानी से दान कर पा रहे हैं, जिससे हर साल आय में बढ़ोतरी हो रही है।
आस्था का बड़ा केंद्र बना सांवलिया जी मंदिर
राजस्थान सर्राफा संघ के प्रदेश महामंत्री किशन पिछोली के अनुसार, मौजूदा बाजार भाव पर सोना-चांदी की कीमत करीब 3.70 करोड़ रुपये बैठती है।
यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि सांवरा सेठ आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं।