मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान और सूर्योपासना करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि जीवन में सुख, स्वास्थ्य और सफलता भी प्राप्त होती है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, मकर संक्रांति पर विशेष योग बन रहा है। इस दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि, वृद्धि योग और ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा। साथ ही सूर्य मकर राशि में और चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेंगे। पुण्यकाल सूर्योदय से प्रारंभ होगा, इसलिए प्रातः स्नान और पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है।
दिल्ली में इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 7 बजकर 15 मिनट बताया गया है। इस समय से सूर्य देव को अर्घ्य देकर पूजा प्रारंभ की जा सकती है।
सूर्य देव की पूजा सामग्री
सूर्य पूजा के लिए निम्न वस्तुओं की आवश्यकता होती है—
मकर संक्रांति के विशेष मंत्र
अर्घ्य मंत्र:
“ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकरः॥”
बीज मंत्र:
“ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः”
सूर्य देव की पूजा विधि
पूजा का फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा करने से कुंडली में सूर्य दोष शांत होता है, स्वास्थ्य बेहतर रहता है, धन-धान्य में वृद्धि होती है और करियर में उन्नति के योग बनते हैं।