प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 का सबसे पावन और महत्वपूर्ण पर्व मौनी अमावस्या अब बेहद करीब है। प्रशासन के अनुमान के अनुसार इस दिन करीब 3.5 करोड़ श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा स्नान पर्व बन सकता है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए संगम नोज, अरैल घाट और झूंसी घाट पर विशेष तैयारियां की गई हैं। शुक्रवार तड़के से ही इन घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो चुकी है। मेला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
भीड़ नियंत्रण के लिए AI सर्विलांस और नया घाट
मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए AI आधारित सर्विलांस सिस्टम लगाया गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं का दबाव कम करने के लिए ‘काली पार्ट–2’ नाम से एक अतिरिक्त स्नान घाट तैयार किया गया है। ड्रोन कैमरों और कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
सर्वार्थ सिद्धियोग में होगा महास्नान
गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या ज्योतिष पीठ के निदेशक आचार्य विवेक उपाध्याय के अनुसार,
इस वर्ष मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धियोग का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
उन्होंने बताया कि —
अमावस्या तिथि: 17 जनवरी रात 11:53 बजे से
समाप्ति: 18 जनवरी रात 1:09 बजे तक
इस शुभ योग में किया गया स्नान, दान और जप अक्षय पुण्य प्रदान करता है। इसी कारण देशभर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं का सैलाब प्रयागराज पहुंच रहा है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे तय मार्गों का ही उपयोग करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।