भारत ने पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के विकास की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पहला प्रोटोटाइप 2028 के अंत तक रोलआउट होने की संभावना है, जबकि इसकी पहली टेस्ट फ्लाइट 2029 में प्रस्तावित है।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इस 5th जेनरेशन फाइटर जेट के प्रोटोटाइप डिजाइन और विकास के लिए तीन प्रमुख दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है। इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरी है। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो–भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का कंसोर्टियम और भारत फोर्ज–BEML लिमिटेड–डेटा पैटर्न्स का संयुक्त समूह भी दौड़ में शामिल है।
AMCA भारत का स्वदेशी सिंगल-सीटर, ट्विन-इंजन स्टेल्थ फाइटर जेट होगा, जिसमें अत्याधुनिक स्टेल्थ कोटिंग, इंटरनल वेपन बे, एडवांस्ड एवियोनिक्स और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमताएं होंगी। इस परियोजना के तहत 125 से अधिक फाइटर जेट तैयार करने की योजना है, जिनके 2035 तक भारतीय वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद है।
AMCA के सेवा में आने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जिनके पास पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट हैं। क्षमताओं के लिहाज से यह विमान अमेरिका के F-35 और रूस के Su-57 जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स को कड़ी टक्कर देने में सक्षम होगा।
परियोजना का लक्ष्य कुल पांच उड़ने योग्य प्रोटोटाइप विकसित करना है। AMCA का पूरा विकास कार्य 2034 तक पूरा करने और 2035 से शुरुआती उत्पादन शुरू करने का टारगेट तय किया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, DRDO की एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने जुलाई 2025 में इस परियोजना के लिए टेंडर जारी किए थे। शुरुआत में सात कंसोर्टियम ने बोली लगाई थी, जिनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड(HAL) और अडाणी डिफेंस भी शामिल थे।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार HAL शुरुआती स्क्रीनिंग में एक जरूरी दस्तावेजी मानदंड में चूक के कारण शॉर्टलिस्ट नहीं हो सका। HAL के सीएमडी डीके सुनील ने साफ किया है कि कंपनी भविष्य में AMCA के लाइसेंस मैन्युफैक्चरिंग चरण के लिए जरूर बोली लगाएगी।
शॉर्टलिस्ट किए गए दावेदारों को सरकार की ओर से फंडिंग सहायता मिलने की संभावना है, जिसके बाद उत्पादन अधिकारों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
AMCA परियोजना भारतीय वायुसेना के व्यापक आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है। इसी कड़ी में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इनमें से 90 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे।
इसके अलावा, नौसेना के लिए अमेरिका से छह अतिरिक्त P-8I समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी विमानों की खरीद को भी हरी झंडी मिल चुकी है। ये सभी फैसले भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
भारत का देसी 5th Gen स्टेल्थ फाइटर जेट AMCA: टाटा सबसे आगे, 2028 तक प्रोटोटाइप तैयार