मोबाइल ऐप से घर बैठे करें स्वगणना, जनगणना 2027 में पहली बार डिजिटल सुविधा

मोबाइल ऐप से घर बैठे करें स्वगणना, जनगणना 2027 में पहली बार डिजिटल सुविधा
April 16, 2026 at 1:48 pm

देश में होने वाली जनगणना 2027 इस बार कई मायनों में खास होने जा रही है। केंद्र सरकार ने इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत नागरिकों को पहली बार “स्वगणना” (Self Enumeration) की सुविधा दी जा रही है। अब लोग घर बैठे मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। यह कदम न केवल प्रक्रिया को आसान बनाएगा बल्कि पारदर्शिता और समय की बचत भी सुनिश्चित करेगा।

जनगणना 2027 की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू हो रही है। पहले चरण में 16 अप्रैल से 25 अप्रैल तक देशभर में मकान गणना (House Listing) का कार्य किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।

इस बार सरकार ने तकनीक का सहारा लेते हुए आम नागरिकों को स्वगणना का विकल्प दिया है। इसके तहत 7 मई से 21 मई तक लोग स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in और मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा।

स्वगणना के लिए सबसे पहले व्यक्ति को पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद राज्य का चयन कर कैप्चा भरना होगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में घर के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण संभव होगा।

OTP वेरिफिकेशन के बाद उपयोगकर्ता को अपना जिला और शहर चुनना होगा। इसके बाद मैप पर दिए गए विकल्प के जरिए अपने घर की सटीक लोकेशन निर्धारित करनी होगी। इसके पश्चात हाउस लिस्टिंग से जुड़े 33 प्रश्नों का उत्तर देना होगा, जिनमें घर की संरचना, सुविधाएं, परिवार के सदस्यों की जानकारी आदि शामिल होंगे।

सभी जानकारी भरने के बाद उसे एक बार जांचकर सबमिट करना होगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद संबंधित डेटा सीधे जनगणना विभाग के पास सुरक्षित रूप से पहुंच जाएगा।

भारत में जनगणना हर 10 साल में कराई जाती है और यह देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद मानी जाती है। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण टल गई थी।

जनगणना के आंकड़े सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर योजनाओं का निर्माण, संसाधनों का वितरण और नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं।

पहले जनगणना पूरी तरह मैनुअल प्रक्रिया थी, जिसमें कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करते थे। लेकिन अब डिजिटल युग में इसे तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जा रहा है।

डिजिटल स्वगणना का सीधा प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ेगा। इससे लोगों को लाइन में लगने या अधिकारियों का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह सुविधा लोगों को अधिक स्वतंत्रता और सुविधा प्रदान करेगी। हालांकि, डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट की उपलब्धता एक चुनौती हो सकती है, खासकर ग्रामीण इलाकों में।

इसके अलावा, यह कदम सरकार के “डिजिटल इंडिया” मिशन को भी मजबूती देगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक आधुनिक बनाएगा।

विश्व स्तर पर भी यह पहल भारत को एक तकनीकी रूप से सक्षम देश के रूप में प्रस्तुत करेगी।

एडीएम वित्त एवं राजस्व तथा नोडल अधिकारी गंभीर सिंह ने बताया कि जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, “स्वगणना की सुविधा से आम लोगों को प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलेगा। इससे डेटा संग्रहण अधिक सटीक और तेज होगा। विभागीय कर्मचारी भी लोगों को इस प्रक्रिया के बारे में जागरूक कर रहे हैं।”

जनगणना में स्वगणना की सुविधा एक बड़ा सुधार माना जा सकता है। इससे न केवल प्रशासनिक बोझ कम होगा बल्कि डेटा की गुणवत्ता भी बेहतर होने की उम्मीद है।

हालांकि, इस प्रक्रिया की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने लोग इसे अपनाते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भरोसा, डेटा सुरक्षा और तकनीकी समझ जैसे पहलू महत्वपूर्ण रहेंगे।

सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को पर्याप्त सहायता और जागरूकता मिले, ताकि कोई भी व्यक्ति इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

इसके अलावा, डेटा की गोपनीयता और साइबर सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा है, जिस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

जनगणना 2027 में स्वगणना की शुरुआत भारत के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। यह पहल नागरिकों को सशक्त बनाते हुए प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएगी।

यदि इस योजना को सही तरीके से लागू किया गया और लोगों में जागरूकता बढ़ाई गई, तो यह भारत के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

1. स्वगणना क्या है?
स्वगणना एक प्रक्रिया है जिसमें नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन या मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज करते हैं।

2. स्वगणना कब शुरू होगी?
यह सुविधा 7 मई से 21 मई तक उपलब्ध रहेगी।

3. क्या मोबाइल ऐप जरूरी है?
नहीं, आप पोर्टल के जरिए भी स्वगणना कर सकते हैं।

4. एक मोबाइल नंबर से कितने घर रजिस्टर हो सकते हैं?
एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही घर का पंजीकरण किया जा सकता है।

5. क्या यह प्रक्रिया सुरक्षित है?
सरकार के अनुसार, डेटा पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखा जाएगा।