मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के बीच हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। जहां भारत ने सक्रियता दिखाते हुए अब तक अपने 600 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, वहीं ब्रिटेन के नागरिकों को ओमान के मस्कट एयरपोर्ट पर भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ब्रिटिश नागरिकों को ले जाने के लिए आई सरकारी फ्लाइट रनवे से उड़ान ही नहीं भर सकी, जिससे विमान में मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
भारत ने तेजी से निकाले अपने नागरिक
युद्ध के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए अभियान तेज कर दिया है। अब तक करीब 600 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर लाया जा चुका है, जबकि बाकी लोगों को निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय दूतावास और सरकार मिलकर प्रभावित क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
मस्कट एयरपोर्ट पर ब्रिटिश यात्रियों में घबराहट
दूसरी ओर, ब्रिटेन के नागरिकों के लिए मस्कट एयरपोर्ट की रात किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। उन्हें उम्मीद थी कि वे जल्द ही सुरक्षित अपने देश लौट जाएंगे, लेकिन अचानक फ्लाइट के उड़ान न भर पाने से हालात बिगड़ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान के अंदर फंसे लोग डर और घबराहट के कारण खिड़कियां और दरवाजे पीटते हुए मदद मांग रहे थे। कई यात्रियों को पैनिक अटैक तक आ गया।
फ्लाइट न उड़ने की वजह पर भ्रम
शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया कि पायलट के काम करने के घंटों की सीमा पूरी हो जाने के कारण विमान उड़ान नहीं भर सका। हालांकि बाद में ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि फ्लाइट में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण उड़ान रद्द करनी पड़ी।
युद्ध से मिडिल ईस्ट में हालात भयावह
इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब छठे दिन में प्रवेश कर चुका है और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गुरुवार सुबह ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागीं।
इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में एक अमेरिकी तेल टैंकर में आग लगने और कुवैत के तट के पास बड़े धमाके के बाद समुद्र में तेल फैलने की खबरें भी सामने आई हैं।
लाखों लोग घर छोड़ने को मजबूर
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के शुरुआती दो दिनों में ही तेहरान से करीब 1 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। वहीं लेबनान में हालात इतने खराब हैं कि 80 हजार से ज्यादा लोग शेल्टर होम में रहने को मजबूर हैं।
युद्ध की इस आग ने पूरे मिडिल ईस्ट में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की तलाश में हैं।
मिडिल ईस्ट संकट: भारत ने 600 नागरिकों को सुरक्षित निकाला, मस्कट एयरपोर्ट पर फ्लाइट न उड़ने से ब्रिटिश यात्रियों में मचा हड़कंप