पश्चिम एशिया युद्ध का असर भारत पर: कई शहरों में LPG गैस की किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट होने लगे बंद

पश्चिम एशिया युद्ध का असर भारत पर: कई शहरों में LPG गैस की किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट होने लगे बंद
March 10, 2026 at 2:33 pm

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत की आम जनता तक पहुंचने लगा है। रसोई गैस यानी एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने से देश के कई बड़े शहरों में गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों में होटल और रेस्टोरेंट मालिकों ने कहा है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। सरकार ने हालात को देखते हुए तेल कंपनियों और रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है।


सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति पर दबाव पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए सप्लाई चेन में थोड़ी भी रुकावट का असर सीधे बाजार पर दिखने लगता है।


मुंबई होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई अनियमित हो गई है। कई रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि उन्हें ऑर्डर देने के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा। इसी वजह से शहर के करीब 20 प्रतिशत होटल और छोटे रेस्टोरेंट ने अस्थायी रूप से काम बंद कर दिया है।


बेंगलुरु और कोलकाता में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ जगहों पर गैस एजेंसियों ने डिलीवरी में देरी की बात कही है, जबकि कुछ दुकानदारों का कहना है कि उन्हें सीमित मात्रा में ही सिलेंडर मिल रहा है।


स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि घरेलू और कमर्शियल गैस की सप्लाई सामान्य रखने के लिए उत्पादन बढ़ाया जाए और वितरण प्रणाली को तेज किया जाए।


भारत दुनिया के सबसे बड़े एलपीजी उपभोक्ता देशों में से एक है। देश की बड़ी आबादी खाना पकाने के लिए एलपीजी पर निर्भर है। ग्रामीण क्षेत्रों में उज्ज्वला योजना के बाद गैस का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिससे मांग पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो गई है।


भारत अपनी कुल जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, खासकर पश्चिम एशिया के देशों से। इस क्षेत्र में जब भी युद्ध या तनाव बढ़ता है तो तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है।
हाल के दिनों में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ा दिया है। इसी वजह से एलपीजी के जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।


विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समुद्री मार्गों पर तनाव बना रहा तो ईंधन की कीमतों और सप्लाई दोनों पर असर पड़ सकता है।


गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर होटल, ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट पर पड़ रहा है। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है।
अगर स्थिति लंबी चली तो खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।


घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल कोई बड़ी समस्या नहीं बताई जा रही, लेकिन अगर सप्लाई में सुधार नहीं हुआ तो आम लोगों की रसोई भी प्रभावित हो सकती है।


इसके अलावा शादी-समारोह, कैटरिंग और फूड इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


सरकारी सूत्रों ने कहा है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है। तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई चेन मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।


एक अधिकारी ने बताया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आयात की व्यवस्था भी की जाएगी।


तेल कंपनियों ने भी कहा है कि कुछ शहरों में अस्थायी दिक्कत आई है, लेकिन जल्द ही सप्लाई सामान्य हो जाएगी।


विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए अंतरराष्ट्रीय तनाव हमेशा जोखिम पैदा करता है।
अगर पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा चलता है तो तेल और गैस दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।


भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर जोर दे रही है, लेकिन अभी भी एलपीजी और कच्चे तेल पर निर्भरता काफी ज्यादा है।
ऐसी स्थिति में सप्लाई चेन मजबूत करना और भंडारण क्षमता बढ़ाना जरूरी माना जा रहा है।


विश्लेषकों का यह भी कहना है कि फिलहाल स्थिति गंभीर नहीं है, लेकिन अगर युद्ध बढ़ा तो ईंधन संकट गहरा सकता है।


एलपीजी गैस की कमी की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, लेकिन सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सप्लाई जल्द सामान्य होगी।

फिलहाल यह समस्या कुछ शहरों तक सीमित बताई जा रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है तो गैस और तेल की आपूर्ति फिर से सामान्य हो सकती है।


1. क्या भारत में गैस खत्म हो रही है?
नहीं, सरकार के अनुसार देश में पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन कुछ शहरों में अस्थायी कमी हुई है।


2. गैस की कमी क्यों हो रही है?
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है।


3. क्या घरेलू गैस सिलेंडर पर असर पड़ेगा?
फिलहाल ज्यादा असर कमर्शियल सिलेंडर पर बताया जा रहा है, लेकिन स्थिति बिगड़ी तो घरेलू सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।


4. होटल और रेस्टोरेंट क्यों बंद हो रहे हैं?
कमर्शियल गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने के कारण कई होटल अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं।


5. सरकार क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई तेज करने का निर्देश दिया है।