आज 26 जनवरी 2026 को देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिली।
इस वर्ष का गणतंत्र दिवस कई मायनों में खास रहा। जहां एक ओर ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया, वहीं दूसरी ओर पहली बार कुछ ऐसे ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिले, जिन्होंने इस परेड को अब तक की सबसे यादगार परेड बना दिया।
पहली बार यूरोपीय संघ का शीर्ष नेतृत्व मुख्य अतिथि
गणतंत्र दिवस 2026 में भारत ने कूटनीतिक इतिहास रचते हुए यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया।
मुख्य अतिथि:
यह कदम भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का संकेत है।
थीम: ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष
इस वर्ष की आधिकारिक थीम रही —
“वंदे मातरम्: 150 वर्ष”
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस अमर गीत को 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष सम्मान दिया गया। परेड में झांकियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संगीत के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवंत किया गया।
गणतंत्र दिवस परेड 2026 की प्रमुख झलकियां
30 भव्य झांकियां
कॉम्बैट रेडी मार्च
पहली बार सैनिकों ने युद्ध जैसी तैयारियों वाले फॉर्मेशन में मार्च किया, जो भारत की सैन्य तत्परता को दर्शाता है।
वायुसेना का भव्य फ्लाई पास्ट
राफेल, सुखोई-30, तेजस और प्रचंड हेलीकॉप्टर सहित 29 विमानों ने आसमान में शानदार करतब दिखाए।
कर्तव्य पथ पर पहली बार हुईं ये 5 ऐतिहासिक बातें
स्वदेशी तोपों से 21 तोपों की सलामी
इस बार ब्रिटिश जमाने की तोपों की जगह भारत में बनी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से सलामी दी गई।
➡ यह आत्मनिर्भर भारत की बड़ी मिसाल है।
कॉम्बैट रेडी फॉर्मेशन में सेना
भारतीय सेना पहली बार परेड में युद्ध जैसी मुद्रा और आधुनिक हथियारों के साथ नजर आई, जिससे भारत की सैन्य शक्ति का स्पष्ट संदेश गया।
29 विमानों का ‘वज्र’ फॉर्मेशन
वायुसेना ने पहली बार ‘वज्र’ आकार में फ्लाईपास्ट किया।
इसमें शामिल रहे:
यह अब तक का सबसे जटिल एयर शो माना जा रहा है।
यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता एक साथ
गणतंत्र दिवस के इतिहास में पहली बार EU के दो सर्वोच्च अधिकारी एक साथ मुख्य अतिथि बने।
यह भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है।
भैरव लाइट कमांडो का पहला प्रदर्शन
सेना की नई भैरव लाइट कमांडो यूनिट ने पहली बार परेड में हिस्सा लिया।
यह यूनिट:
जन-भागीदारी की अनोखी झलक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “जन भागीदारी” विजन के तहत इस बार:
को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस 2026 सिर्फ एक परेड नहीं, बल्कि नए भारत की शक्ति, आत्म निर्भरता और वैश्विक पहचान का प्रदर्शन है।
21 तोपों की सलामी से लेकर 29 फाइटर जेट्स तक — हर दृश्य भारत के बदलते सामर्थ्य की कहानी कहता है।