रूस द्वारा व्हाट्सऐप पर रोक लगाए जाने के बाद अब भारत में भी इस मैसेजिंग ऐप की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सऐप और उसकी पैरेंट कंपनी मेटा को देश के नियमों का पूरी तरह पालन करने की सख्त चेतावनी दी है। अगर मेटा भारतीय कानूनों के मुताबिक ठोस आश्वासन देने में विफल रहती है, तो उसे भारत जैसे सबसे बड़े बाजार से हाथ धोना पड़ सकता है।
रूस ने 11 फरवरी को व्हाट्सऐप पर प्रभावी रूप से बैन लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी इंटरनेट रेगुलेटर ने व्हाट्सऐप के डोमेन को नेशनल डोमेन सिस्टम से हटा दिया और ऐप स्टोर्स को इसे डीलिस्ट करने का निर्देश दिया। इसका सीधा असर रूस के करीब 10 करोड़ यूजर्स पर पड़ा है। इससे पहले भी रूस में व्हाट्सऐप की वॉयस और वीडियो कॉल सेवाओं पर सीमाएं लगाई जा चुकी थीं।
रूसी अधिकारियों का कहना है कि व्हाट्सऐप ने सुरक्षा एजेंसियों को जरूरी एन्क्रिप्टेड डेटा उपलब्ध नहीं कराया, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। इसी आधार पर यह सख्त कदम उठाया गया।
घरेलू ऐप को बढ़ावा
व्हाट्सऐप पर रोक के साथ ही रूस सरकार ने अपने घरेलू सुपर-ऐप “मैक्स” को प्रमोट करना शुरू कर दिया है। यह ऐप सरकारी सेवाओं से जुड़ा हुआ है और देश के भीतर मौजूद सर्वर्स पर काम करता है। सरकार इसे डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है, जबकि डिजिटल अधिकार संगठनों ने इसे निगरानी बढ़ाने वाला टूल करार दिया है।
भारत में क्यों बढ़ी चिंता?
भारत में भी व्हाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में है। हाल ही में शीर्ष अदालत ने मेटा और व्हाट्सऐप को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे लिखित रूप में यह भरोसा दें कि यूजर्स के डेटा का किसी भी तरह से व्यावसायिक इस्तेमाल या थर्ड पार्टी के साथ शेयर नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने साफ कहा है कि नियमों की अनदेखी करने पर भारत में ऐप को बंद किया जा सकता है।
अगर मेटा जरूरी अंडरटेकिंग दाखिल नहीं करता है, तो भारत में उसके ऑपरेशंस पर रोक लग सकती है, जो कंपनी के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा।
मेटा को कितना नुकसान?
भारत मेटा का सबसे बड़ा यूजर बेस है। देश में व्हाट्सऐप के 53 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं, जो कंपनी के कुल वैश्विक यूजर्स का बड़ा हिस्सा हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक आने वाले वर्षों में व्हाट्सऐप और उससे जुड़े प्लेटफॉर्म्स से मेटा को अरबों डॉलर की कमाई की उम्मीद है।
रूस जैसे बाजार का नुकसान भले ही सीमित हो, लेकिन अगर भारत में व्हाट्सऐप पर बैन या सख्ती होती है, तो इससे मेटा की कमाई, एडवरटाइजिंग मॉडल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी भविष्य की योजनाओं पर गहरा असर पड़ सकता है। ऐसे में यह संकट सीधे तौर पर कंपनी के मालिक मार्क जुकरबर्ग के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकता है।
रूस के बाद भारत की सख्ती! व्हाट्सऐप पर बैन की तलवार, जुकरबर्ग को अरबों का झटका?