लैंड फॉर जॉब केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू परिवार पर तय किए आरोप, कहा– ‘अपराधी नेटवर्क की तरह हुआ काम’

लैंड फॉर जॉब केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू परिवार पर तय किए आरोप, कहा– ‘अपराधी नेटवर्क की तरह हुआ काम’
January 9, 2026 at 2:51 pm

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने चर्चित लैंड फॉर जॉब घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव तथा उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश देकर मामले को नई दिशा दे दी है। कोर्ट के फैसले से लालू परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

अदालत ने इस केस में कुल 98 आरोपियों में से 52 को पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण आरोपमुक्त कर दिया, जबकि शेष 41 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता साफ कर दिया गया है। इस दौरान कोर्ट ने यह भी बताया कि मामले से जुड़े पांच आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है।

अदालत ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव के साथ-साथ तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल व्यक्तिगत लाभ का नहीं बल्कि एक संगठित साजिश का संकेत देता है।

कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?

अदालत के अनुसार, आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का उपयोग करते हुए अपने परिवार के नाम पर अचल संपत्तियां हासिल कीं। न्यायालय ने कहा कि रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले जमीन लेने का एक प्रकार का “विनिमय तंत्र” चल रहा था। इस प्रक्रिया में कई लोगों को नौकरी दी गई और बदले में उनकी या उनके परिजनों की जमीन ली गई।

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण में अन्य आरोपियों ने सक्रिय रूप से सहयोग किया और इस कथित साजिश को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।

‘अपराधिक साजिश का हिस्सा’

राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि लालू परिवार ने एक “क्रिमिनल सिंडिकेट” की तरह काम किया। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थे, जबकि अन्य आरोपियों ने इसे अंजाम देने में मदद की।

हालांकि, जिन 52 आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं थे, उन्हें अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया।

किन धाराओं में आरोप तय हुए?

अदालत ने आरोपियों पर निम्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाने का आदेश दिया है—

  • आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी)
  • आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश)
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी) और 13(2)

गौरतलब है कि यह मामला उस समय से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान रेलवे में नियुक्तियों के बदले जमीन ली गई।

अगली सुनवाई

कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख 29 जनवरी तय की है, जहां ट्रायल की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।