पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। शुरुआती जांच में जहां पुलिस ने यौन हिंसा से इनकार किया था, वहीं अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिले तथ्यों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस ने आईजी स्तर की विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जो हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर छात्रा NEET की तैयारी कर रही थी।
5 जनवरी को वह अपने गांव जहानाबाद से पटना लौटी थी। अगले ही दिन यानी 6 जनवरी को वह हॉस्टल में बेहोशी की हालत में पाई गई।
उसे पहले कंकड़बाग स्थित निजी अस्पताल और फिर प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई।
नीट छात्रा मौत मामला: पूरी टाइम लाइन
5 जनवरी – छात्रा जहानाबाद से पटना लौटकर हॉस्टल पहुंची
6 जनवरी – बेहोशी की हालत में निजी अस्पताल में भर्ती
11 जनवरी – इलाज के दौरान मौत
11 जनवरी – पुलिस ने शुरुआती जांच में यौन शोषण से इनकार किया
12 जनवरी – पीएमसीएच में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम
12 जनवरी – शव रखकर परिजनों का प्रदर्शन, FIR दर्ज
15 जनवरी – पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, यौन हिंसा के संकेत मिले
15 जनवरी – हॉस्टल संचालक गिरफ्तार
16 जनवरी – गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने लिया संज्ञान
16 जनवरी – DGP के आदेश पर SIT गठित
17 जनवरी – IG, ADG और SSP समेत SIT ने घटनास्थल का निरीक्षण किया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस की शुरुआती थ्योरी को खारिज कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार:
इसके बाद मृतका के पिता ने थाने में FIR दर्ज कराई और आरोप लगाया कि हॉस्टल में बेटी के साथ दुष्कर्म कर हत्या की गई।
पुलिस की शुरुआती जांच में क्या सामने आया था?
हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को अपनी जांच की दिशा बदलनी पड़ी।
राजनीतिक हलचल तेज
मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
राजद समेत अन्य दलों ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया है।
वहीं सरकार का कहना है कि SIT निष्पक्ष जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अब आगे क्या?