बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर अमेरिका की टेक्नोलॉजी दुनिया में नाम कमाने वाले सत्यम कुमार की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। जिस उम्र में बच्चे स्कूल की पढ़ाई पूरी कर रहे होते हैं, उस उम्र में सत्यम ने IIT जैसे कठिन संस्थान में दाखिला लेकर इतिहास रच दिया था।
आज वही सत्यम अमेरिका में AI Researcher के तौर पर काम कर रहे हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को आकार देने में जुटे हैं।
बिहार के किसान परिवार से IIT तक का सफर
सत्यम कुमार का जन्म बिहार के बक्सर जिले के बखोरापुर गांव में हुआ। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है। सीमित संसाधनों के बावजूद सत्यम की प्रतिभा बचपन से ही अलग नजर आने लगी थी।
साल 2012 में महज 13 साल की उम्र में उन्होंने IIT-JEE परीक्षा पास कर ली, जिससे वे देश के सबसे कम उम्र के IIT छात्र बन गए।
उन्होंने IIT कानपुर से B.Tech + M.Tech (डुअल डिग्री) में दाखिला लिया।
13 साल की उम्र में IIT, 24 में PhD
IIT कानपुर में पढ़ाई के दौरान सत्यम ने खुद को साबित किया।
✔ 2018 में उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया
✔ इसके बाद अमेरिका गए
✔ University of Texas at Austin से
✔ Electrical & Computer Engineering में PhD पूरी की
महज 24 साल की उम्र में PhD हासिल करना अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जाता है।
आज अमेरिका में AI Researcher हैं सत्यम कुमार
वर्तमान में सत्यम कुमार अमेरिका की एक प्रमुख टेक कंपनी में AI Researcher के रूप में कार्यरत हैं।
उनका काम मुख्य रूप से:
सत्यम का मानना है कि आने वाला समय पूरी तरह AI-driven होगा और भारत को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए युवाओं को सही दिशा देनी होगी।
सफलता का मंत्र: मेहनत और लगन
सत्यम कुमार मानते हैं कि —
“उम्र कभी भी आपकी सफलता तय नहीं करती, सही दिशा, मेहनत और लगन ही आपको आगे ले जाती है।”
एक छोटे गांव से निकलकर दुनिया की सबसे बड़ी टेक इंडस्ट्री तक पहुंचने वाले सत्यम आज देश के युवाओं के लिए मिसाल हैं।
निष्कर्ष
बिहार के किसान का बेटा
➡ 13 साल में IIT
➡ 24 साल में PhD
➡ आज अमेरिका में AI Scientist
सत्यम कुमार की कहानी यह साबित करती है कि अगर जज्बा मजबूत हो तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं।