दिल्ली एनकाउंटर: तिहाड़ से छूटे गैंगस्टर के गुर्गों से मुठभेड़, एक के पैर में लगी गोली

दिल्ली एनकाउंटर: तिहाड़ से छूटे गैंगस्टर के गुर्गों से मुठभेड़, एक के पैर में लगी गोली
February 23, 2026 at 3:51 pm

देश की राजधानी दिल्ली में गैंगस्टरों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो खतरनाक बदमाशों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों आरोपी कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं और बिंदापुर फायरिंग मामले में वांछित थे।

बिंदापुर में कारोबारी के दफ्तर पर की थी फायरिंग

20 फरवरी 2026 को बिंदापुर इलाके में एक बड़े कारोबारी के कार्यालय पर गोलियां चलाई गई थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला जमीन विवाद को गैंगस्टर के पक्ष में सुलझाने और रंगदारी वसूलने के मकसद से किया गया था। घटना के बाद बिंदापुर थाने में मामला दर्ज हुआ और जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच की एजीएस टीम को सौंपी गई।

द्वारका के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़

डीसीपी क्राइम हर्ष इंदोरा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर पवन कुमार की टीम को सूचना मिली कि आरोपी भरत उर्फ मन्नी और वीराज उर्फ विरोधी कुतुब विहार की ओर भागने की फिराक में हैं।

रात करीब 2:10 बजे पुलिस ने टूटी नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध स्कूटी को रोका। पुलिस के रुकने के इशारे पर दोनों आरोपी भागने लगे और झाड़ियों में छिपकर फायरिंग शुरू कर दी।

भरत उर्फ मन्नी ने हेड कांस्टेबल अमित कुमार पर सीधी गोली चलाई, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। आत्मरक्षा में पुलिस ने तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली भरत के दाहिने पैर में लगी। दूसरा आरोपी वीराज मौके से दबोच लिया गया, उसकी पिस्तौल फायरिंग के दौरान जाम हो गई थी।

तिहाड़ जेल में रची गई थी साजिश

जांच में खुलासा हुआ कि 23 वर्षीय भरत उर्फ मन्नी के खिलाफ चोरी, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह 21 जनवरी 2026 को तिहाड़ जेल से बाहर आया था।

जेल में ही उसकी मुलाकात गैंगस्टर विनोद उर्फ विक्की संन्यासी से हुई थी, जिसने उसे उत्तम नगर के प्लॉट विवाद में कारोबारी को धमकाने का काम सौंपा था।

दूसरा आरोपी वीराज पहले बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था, लेकिन नशे की लत के कारण अपराध की दुनिया में उतर गया।

पुलिस ने क्या बरामद किया?

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो पिस्तौल, चार खाली कारतूस, तीन जिंदा कारतूस और एक होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद की है। घायल भरत को द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

क्राइम ब्रांच अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि जेल में बंद अपराधी किस तरह बाहर के गुर्गों के जरिए रंगदारी और दहशत का नेटवर्क चला रहे हैं।