आतंकवादियों से मोर्चा लेने वाली बहादुर महिला कमांडो अपने ही घर में हिंसा का शिकार हो गई। दिल्ली पुलिस की SWAT टीम में तैनात काजल की उसके पति द्वारा की गई बेरहमी से पिटाई के बाद मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना घरेलू हिंसा की एक और भयावह तस्वीर सामने लाती है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 22 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे काजल और उसके पति अंकुर के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान आरोपी पति ने डंबल से काजल के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल काजल को खुद आरोपी ने मोहन गार्डन स्थित तारक हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने लगातार पांच दिनों तक इलाज किया, लेकिन 27 जनवरी को काजल ने दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान ही पुलिस ने आरोपी पति अंकुर को गिरफ्तार कर लिया था। अब काजल की मौत के बाद उसके खिलाफ हत्या की धारा भी जोड़ दी गई है।
कौन थीं काजल?
काजल दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल थीं और स्पेशल सेल की SWAT यूनिट का हिस्सा थीं। उनकी भर्ती वर्ष 2022 में हुई थी। वह आतंकवाद विरोधी अभियानों और हाई-रिस्क ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभा चुकी थीं।
काजल की शादी 2023 में अंकुर से हुई थी, जो रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर दिल्ली कैंट में तैनात है।
क्या हुआ 22 जनवरी की रात?
पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, जिसे अब हत्या की धारा में बदल दिया गया है।
क्या है दिल्ली पुलिस की SWAT टीम?
दिल्ली पुलिस की SWAT (Special Weapons and Tactics) टीम का गठन 2009 में हुआ था। यह टीम आतंकवादी हमलों, बंधक संकट, हाई रिस्क ऑपरेशन और VIP सुरक्षा जैसे मामलों को संभालती है।
इस यूनिट में शामिल होने के लिए कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें शामिल हैं —
2018 में दिल्ली पुलिस ने देश की पहली ऑल-वुमन SWAT टीम भी बनाई थी, जिसमें काजल जैसी बहादुर महिला कमांडो शामिल थीं।
निष्कर्ष
देश की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाली एक जांबाज़ महिला अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रह सकी। काजल की मौत न सिर्फ घरेलू हिंसा की भयावहता दिखाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा कितनी कमजोर है — चाहे वे वर्दी में ही क्यों न हों।