देश की राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके से इंसानियत और ईमानदारी की एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहां एक कबाड़ी ने लाखों रुपये के गहने मिलने के बावजूद लालच नहीं किया और उन्हें उनके असली मालिक को सुरक्षित लौटा दिया।
मामला रोहिणी सेक्टर-26 का है, जहां रहने वाली चांदनी कुमारी ने घर का पुराना सामान बेचते समय एक लोहे की अलमारी भी कबाड़ में दे दी। जल्दबाजी में उन्होंने अलमारी के लॉकर की जांच नहीं की। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसी लॉकर में करीब 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने रखे रह गए हैं।
अगले दिन रोहिणी सेक्टर-16 में कबाड़ का काम करने वाले अशरफ ने जब अलमारी खोलने की कोशिश की, तो लॉकर के अंदर एक स्टील का डिब्बा मिला। डिब्बा खोलते ही वह चौंक गए। उसमें सोने के झुमके, अंगूठियां, मंगलसूत्र, नथ और चांदी के कई कीमती गहने रखे थे।
यह पल किसी भी इंसान की नीयत की परीक्षा जैसा था। सामने लाखों रुपये के गहने थे और आसपास कोई गवाह भी नहीं था। लेकिन अशरफ ने ईमानदारी को चुना। उन्होंने तुरंत अपने साथियों की मदद से अलमारी बेचने वाले परिवार का पता लगाना शुरू किया।
कुछ प्रयासों के बाद उन्होंने चांदनी कुमारी और उनके पति सुनील से संपर्क किया। जब परिवार को गहनों के सुरक्षित मिलने की जानकारी मिली, तो वे हैरान रह गए। अशरफ ने खुद उनके घर जाकर पूरा सामान लौटा दिया। गहने वापस पाकर परिवार की आंखें नम हो गईं।
दंपती ने खुशी में अशरफ को 3 हजार रुपये इनाम देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया। अशरफ का कहना था कि किसी की अमानत लौटाना कोई उपकार नहीं, बल्कि इंसानियत का फर्ज है। उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से रोहिणी में कबाड़ का काम कर रहे हैं और मेहनत की कमाई में ही सुकून मानते हैं।
इस घटना के बाद इलाके में सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग अशरफ की ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं। यह घटना साबित करती है कि आज भी समाज में ईमानदारी जिंदा है और ऐसे लोग भरोसे को मजबूत करते हैं।
रोहिणी में ईमानदारी की मिसाल: कबाड़ी अशरफ ने कबाड़ में मिले 10 लाख के गहने लौटाए