आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का घोटाला: सीएम नायब सिंह सैनी ने विजिलेंस और ACB जांच का किया ऐलान

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ का घोटाला: सीएम नायब सिंह सैनी ने विजिलेंस और ACB जांच का किया ऐलान
February 24, 2026 at 2:12 pm

हरियाणा में 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले को लेकर सियासत गरमा गई है। मामला IDFC First Bank से जुड़ा है, जिस पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। विपक्ष के हमलों के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

सीएम सैनी का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस घोटाले का पता लगाने में सक्रिय भूमिका निभाई। जब बैंक से स्पष्टीकरण मांगा गया तो जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद सरकार ने ब्याज सहित पूरी राशि को एक अधिकृत बैंक में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया।

सीएम ने स्पष्ट किया कि मामला भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) और सतर्कता विभाग को सौंप दिया गया है। जांच जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बैंक की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई से परहेज नहीं किया जाएगा।

बैंक का क्या है पक्ष?

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने अपने बचाव में सेबी को पत्र लिखकर दावा किया है कि यह गड़बड़ी एक कर्मचारी की व्यक्तिगत करतूत थी। हालांकि सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यापक जांच जरूरी है।

विधान सभा में उठा मुद्दा

इस घोटाले का मुद्दा हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि इतने बड़े मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

इसके जवाब में मुख्यमंत्री सैनी ने सदन को आश्वस्त किया कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

क्या है आगे की कार्रवाई?

सरकार के अनुसार:

  • पूरी रकम सुरक्षित है और ब्याज सहित वापस आएगी।
  • ACB और विजिलेंस विभाग मामले की गहराई से जांच करेंगे।
  • यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या संस्था की संलिप्तता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई होगी।

इस मामले ने हरियाणा की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।