दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी, 59 इलाकों का पानी पीने लायक नहीं — प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चौंकाने वाली रिपोर्ट

दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी, 59 इलाकों का पानी पीने लायक नहीं — प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  की चौंकाने वाली रिपोर्ट
January 3, 2026 at 5:06 pm

इंदौर शहर में पानी की गंभीर समस्या उजागर हुई है जहाँ दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौतें हुई हैं तथा सैकड़ों नागरिक बीमार हैं। हिस्सा भागीरथपुरा के साथ ही शहर के 59 अन्य इलाकों के पीने के पानी में दूषण पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर रहा है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पुरानी जांच रिपोर्ट के अनुसार शहर के 60 स्थानों से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच में 59 सैंपल फेल पाए गए थे, जिनमें टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया जैसे रोगजनक तत्व मिले थे, जो उल्टी, दस्त और पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

बोर्ड ने नगर निगम को तीन बार चेतावनी पत्र लिखकर इन इलाकों के पानी को उपचार के बाद ही उपयोग करने और सफाई सुनिश्चित करने को कहा था, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पानी दूषित पाए गए इलाकों में भागीरथपुरा के साथ खातीपुरा, रामनगर, नाहर शाहवली रोड, खजराना, गोविंद कॉलोनी, शंकर बाग कॉलोनी, परदेशीपुरा, सदर बाजार, राजवाड़ा, जूनी इंदौर जैसे कई घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं।

दूसरी ओर इन इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति से अब तक दर्जनों मौतें हो चुकी हैं और लगभग 1400 से अधिक लोग उल्टी-दस्त और बुखार जैसी बीमारी के चलते बीमार पड़े हैं। कई लोग अस्पतालों में भर्ती हैं और चिकित्सीय टीमें घर-घर जा कर स्वच्छ पानी, उबला पानी पीने की सलाह दे रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अपर आयुक्त को इंदौर से हटाने के निर्देश दिए गए हैं और नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

आरोप है कि नगर निगम ने समय रहते पाइपलाइन बदलने तथा पानी की गुणवत्ता की निगरानी नहीं की, जिसके कारण यह संकट और गंभीर रूप ले रहा है। अब प्रशासन इलाके में साफ पानी की सप्लाई टैंकरों से करवा रहा है और स्वास्थ्य जांच जारी है।