बाड़मेर जिले में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। जिला स्तरीय कार्यक्रम में एक ऐसे युवक को सम्मानित कर दिया गया, जिस पर विधायक का डीपफेक अश्लील वीडियो वायरल करने का गंभीर आरोप है। मामला सामने आते ही सियासी हलकों में हड़कंप मच गया।
बयाना विधानसभा से निर्दलीय विधायक ऋतू बनावत ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए आरोप लगाया कि सम्मान पाने वाला युवक उनके खिलाफ डीपफेक वीडियो वायरल करने के मामले में आरोपी है। विधायक के विरोध के बाद जिला प्रशासन को आनन-फानन में कार्रवाई करनी पड़ी।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में जिला कलेक्टर टीना डाबी और राज्य मंत्री केके बिश्नोई ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया था। इसी क्रम में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिए सेड़वा निवासी दिनेश मांजू को सम्मान दिया गया।
हालांकि बाद में विधायक ऋतू बनावत ने दावा किया कि दिनेश मांजू वही व्यक्ति है, जो जनवरी 2024 में उनके डीपफेक वीडियो मामले में आरोपी था। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीर लापरवाही बताते हुए प्रशासन पर सवाल खड़े किए।
विवाद बढ़ने के बाद जिला कलेक्टर टीना डाबी ने तत्काल प्रभाव से सम्मान वापस लेने के आदेश जारी किए। साथ ही इस बात की जांच के निर्देश दिए कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच किए बिना उसे सम्मानित कैसे किया गया। कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि जनवरी 2024 में सोशल मीडिया पर विधायक ऋतू बनावत का एक कथित वीडियो वायरल हुआ था, जिसे उन्होंने डीपफेक बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी, जबकि एक आरोपी फरार बताया गया था।
इस पूरे घटनाक्रम ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।