अंबेडकरनगर के युवाओं का जलवा: यूपी PCS 2024 में 13 अभ्यर्थी बने अधिकारी

अंबेडकरनगर के युवाओं का जलवा: यूपी PCS 2024 में 13 अभ्यर्थी बने अधिकारी
March 31, 2026 at 2:58 pm

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) द्वारा घोषित पीसीएस 2024 के परिणामों में अंबेडकरनगर जिले के अभ्यर्थियों ने शानदार सफलता हासिल की है। जिले के 13 होनहार युवाओं का चयन विभिन्न प्रशासनिक पदों पर हुआ है, जो न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं।

अंबेडकरनगर के प्रतिभाशाली युवाओं ने इस वर्ष यूपी पीसीएस परीक्षा में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले की पूजा तिवारी ने 7वीं रैंक प्राप्त कर एसडीएम पद हासिल किया, जो पूरे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं श्रष्टि चौधरी ने 26वीं रैंक प्राप्त कर एसडीएम पद पर चयनित होकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

इसके अलावा अन्नू वर्मा का चयन ट्रेजरी अफसर के पद पर हुआ है। खास बात यह है कि वह पहले से ही डिप्टी जेलर के पद पर कार्यरत हैं, जिससे उनकी यह सफलता और भी प्रेरणादायक बन जाती है। विमलेश कुमार ने डिप्टी एसपी पद हासिल किया, जबकि अभिषेक पाल और अभिनंदन सिंह बीडीओ बने हैं।

नायब तहसीलदार पद के लिए अजय कुमार सिंह, अभिषेक वर्मा और राज सिंह का चयन हुआ है। वहीं विष्णुकांत मिश्र को वाणिज्य कर अधिकारी बनाया गया है। सर्वेश वर्मा और मयंक मौर्य को असिस्टेंट कमिश्नर (सेल्स टैक्स) पद पर नियुक्ति मिली है।

एक और उल्लेखनीय नाम विपिन देव यादव का है, जिन्होंने हाल ही में यूपीएससी परीक्षा में 316वीं रैंक हासिल की थी और अब उनका चयन वर्क ऑफिसर पद के लिए हुआ है। इसके अलावा पुलिस विभाग में तैनात इंस्पेक्टर राम नरेश की बेटी प्रियंका रावत ने भी इस परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।

उत्तर प्रदेश पीसीएस परीक्षा राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा के माध्यम से राज्य सरकार विभिन्न प्रशासनिक पदों जैसे एसडीएम, डिप्टी एसपी, बीडीओ और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति करती है। हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता बहुत कम लोगों को ही मिल पाती है।

अंबेडकरनगर जैसे अपेक्षाकृत छोटे जिले से एक साथ 13 अभ्यर्थियों का चयन होना इस बात का संकेत है कि यहां शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में जिले में कोचिंग, डिजिटल शिक्षा और मार्गदर्शन की सुविधाएं भी बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर इस सफलता में देखा जा सकता है।

इस सफलता का प्रभाव केवल अंबेडकरनगर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश के अन्य छोटे जिलों के छात्रों के लिए यह एक प्रेरणा बन गया है। इससे यह संदेश जाता है कि संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत और सही रणनीति से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भी प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। साथ ही, यह सफलता राज्य में शिक्षा के स्तर और प्रतियोगी माहौल को भी मजबूत करेगी।

जिला प्रशासन और शिक्षा से जुड़े अधिकारियों ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि जिले की शैक्षणिक प्रगति का प्रतीक है और आने वाले समय में और भी बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि “अंबेडकरनगर के युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। प्रशासन इन प्रतिभाओं को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

अगर इस सफलता का विश्लेषण किया जाए तो कुछ महत्वपूर्ण पहलू सामने आते हैं। पहला, छात्रों में जागरूकता और सही दिशा में तैयारी का बढ़ना। दूसरा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन संसाधनों की उपलब्धता, जिससे छोटे शहरों के छात्रों को भी बड़े शहरों जैसी तैयारी का मौका मिल रहा है।

तीसरा, परिवार और समाज का बढ़ता समर्थन, जो पहले की तुलना में अब अधिक सकारात्मक है। चौथा, रोल मॉडल का प्रभाव—जब एक जिले से कई छात्र सफल होते हैं, तो यह दूसरों के लिए प्रेरणा बनता है।

हालांकि, यह भी जरूरी है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन इन प्रतिभाओं को बेहतर मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए ताकि भविष्य में यह संख्या और बढ़ सके।

अंबेडकरनगर के युवाओं की यह सफलता केवल एक परिणाम नहीं बल्कि एक संदेश है कि सपनों को साकार करने के लिए मेहनत और धैर्य सबसे जरूरी हैं। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी और जिले को शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

1. यूपी PCS 2024 में अंबेडकरनगर से कितने अभ्यर्थी सफल हुए?
इस वर्ष कुल 13 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।

2. सबसे उच्च रैंक किसे मिली?
पूजा तिवारी ने 7वीं रैंक प्राप्त की।

3. किन-किन पदों पर चयन हुआ है?
एसडीएम, डिप्टी एसपी, बीडीओ, नायब तहसीलदार, ट्रेजरी अफसर समेत कई पदों पर चयन हुआ है।

4. क्या यह उपलब्धि पहले भी हुई है?
इतनी बड़ी संख्या में चयन एक साथ होना दुर्लभ है और यह जिले के लिए विशेष उपलब्धि है।

5. इस सफलता का छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह सफलता अन्य छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करेगी।