फर्जी LLB डिग्री कांड: किदवईनगर थाने में हंगामा, मेयर के बेटे अनुराग पांडेय वकील को छुड़ाकर ले गए

फर्जी LLB डिग्री कांड: किदवईनगर थाने में हंगामा, मेयर के बेटे अनुराग पांडेय वकील को छुड़ाकर ले गए
March 5, 2026 at 2:55 pm

फर्जी एलएलबी डिग्री गिरोह की जांच के दौरान किदवईनगर थाने में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब पूछताछ के लिए लाए गए एक अधिवक्ता को छुड़ाने के लिए शहर की महापौर के बेटे और अधिवक्ता अनुराग पांडेय अपने साथियों के साथ थाने पहुंच गए। काफी देर तक बहस और तनावपूर्ण माहौल के बाद पुलिस ने लिखापढ़ी पूरी कर अधिवक्ता को छोड़ दिया।

दरअसल, फर्जी एलएलबी डिग्री बेचने वाले गिरोह की जांच के सिलसिले में किदवईनगर पुलिस ने बाबूपुरवा के अजीतगंज निवासी अधिवक्ता शमशाद अली को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। पुलिस को पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली थी कि इस गिरोह ने कई लोगों को फर्जी एलएलबी डिग्रियां बेची हैं, जिनमें कुछ अधिवक्ताओं के नाम भी सामने आए हैं।

पुलिस इसी आधार पर शमशाद अली से पूछताछ करना चाहती थी। जैसे ही उन्हें थाने लाए जाने की खबर उनके परिचितों और अन्य वकीलों तक पहुंची, कुछ लोग किदवईनगर थाने पहुंच गए और उन्हें छोड़ने की मांग करने लगे।

इसी दौरान शहर की महापौर के बेटे और अधिवक्ता अनुराग पांडेय भी अपने कुछ साथियों के साथ थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शमशाद अली कोई अपराधी नहीं हैं और उन्हें इस तरह थाने में बैठाना उचित नहीं है।

थाने में मौजूद इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार राम और अनुराग पांडेय के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। पुलिस अधिकारियों ने अनुराग से कहा कि अगर उन्हें कोई आपत्ति है तो वे वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर सकते हैं। इस पर अनुराग पांडेय ने कहा कि वह लगातार अधिकारियों को फोन कर रहे हैं, लेकिन कोई कॉल रिसीव नहीं कर रहा।

अनुराग पांडेय ने पुलिस से यह भी कहा कि अगर शमशाद अली कहीं भागते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाए।

करीब एक घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के दौरान थाने के बाहर भी हलचल बनी रही। बाद में पुलिस ने औपचारिक कार्रवाई पूरी करने के बाद शमशाद अली को जाने दिया। इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें थाने के अंदर बहस होती दिखाई दे रही है।

गौरतलब है कि 18 फरवरी को किदवईनगर पुलिस ने जूही कलां स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन के दफ्तर पर छापा मारकर फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस को वहां से नौ राज्यों के 14 विश्व विद्यालयों की मार्कशीट और डिग्रियां बरामद हुई थीं।

इस मामले में गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।

डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, अधिवक्ता शमशाद अली को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था और मामले की जांच अभी जारी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।