मीटिंग कहकर निकले दारोगा संतोष, महराजगंज हादसे में शहीद; तिरंगे में लौटी देह, परिवार पर टूटा दुख

मीटिंग कहकर निकले दारोगा संतोष, महराजगंज हादसे में शहीद; तिरंगे में लौटी देह, परिवार पर टूटा दुख
February 18, 2026 at 2:53 pm

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में गोरखपुर पुलिस के दारोगा संतोष कुमार की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। वह दबिश देकर लौट रहे थे, तभी उनकी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में संतोष कुमार की मौके पर ही जान चली गई, जबकि वाहन में सवार पांच अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।

सोमवार सुबह करीब नौ बजे संतोष कुमार घर से यह कहकर निकले थे कि उन्हें मीटिंग में जाना है और लौटने में देर हो सकती है। शाम तक जब वे घर नहीं पहुंचे तो पत्नी रूपा देवी ने फोन किया। संतोष ने बताया कि वह दबिश पर हैं और सुबह तक लौट आएंगे। लेकिन अगली सुबह परिवार को जो खबर मिली, उसने सब कुछ बदल दिया। जिस घर से वह हंसते हुए निकले थे, वहीं अगले दिन तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह लौटी।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद दृश्य हर किसी को झकझोर देने वाला था। मां गुलाबी देवी बेसुध थीं, पत्नी रूपा देवी 12 वर्षीय बेटे आयुष का हाथ थामे खामोशी से आंसू बहा रही थीं। बेटा बार-बार पिता की ओर देख रहा था, जैसे उन्हें उठने का इंतजार हो। भाई-बहन और परिजन खुद को संभाल नहीं पा रहे थे।

संतोष कुमार मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के रहने वाले थे। उनके पिता भी पुलिस विभाग में थे और ड्यूटी के दौरान ही उनका निधन हो गया था। आश्रित कोटे से मिली नौकरी के बाद संतोष ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और पुलिस सेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया। लेकिन नियति ने एक बार फिर वही दर्दनाक कहानी दोहरा दी।

पुलिस लाइन में दी गई अंतिम सलामी

रामगढ़ताल थाने में तैनात दारोगा संतोष कुमार के निधन से गोरखपुर पुलिस महकमे में शोक की लहर है। मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जहां वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम सलामी दी। गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया।

घायलों का इलाज जारी

हादसे में घायल एसएसआई रमेश चंद कुशवाहा और महिला दारोगा गीता को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत स्थिर है। वहीं अजीत कुमार यादव और स्कॉर्पियो चालक हेमंत कुमार का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।