मथुरा नाव हादसा: मौत का आंकड़ा बढ़ा, 4 अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मथुरा नाव हादसा: मौत का आंकड़ा बढ़ा, 4 अब भी लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
April 12, 2026 at 1:34 pm

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में यमुना नदी पर हुआ नाव हादसा अब एक बड़ी त्रासदी में बदल चुका है। इस हादसे में अब तक 11 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट अचानक पलटने से यह हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन की कई टीमें लगातार बचाव और तलाश अभियान में जुटी हुई हैं।

वृंदावन के केसी घाट पर शुक्रवार को यमुना नदी में यह दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक, यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के तहत पांटून पुल को हटाने का काम चल रहा था। इसी दौरान भारी मशीनों की मदद से पुल के पीपे खींचे जा रहे थे। आरोप है कि इस कार्य के दौरान न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और न ही क्षेत्र को आम लोगों के लिए प्रतिबंधित किया गया था।

इसी दौरान श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट वहां से गुजर रही थी। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण नाव पलट गई। बताया जा रहा है कि नाव में करीब 35 से 40 लोग सवार थे। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और लोग नदी में गिरकर डूबने लगे।

घटना के बाद तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अब तक करीब 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। वहीं, रेस्क्यू टीमों ने कई शव बरामद किए हैं। शनिवार को एक शव देवराहा बाबा घाट के पास मिला, जिसकी पहचान लुधियाना निवासी मानिक टंडन के रूप में हुई। वहीं, एक अन्य शव की पहचान ऋषभ शर्मा के रूप में की गई।

पुलिस और प्रशासन के मुताबिक, अब तक कुल मृतकों की संख्या 11 से अधिक हो चुकी है, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए यमुना नदी के कई किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

वृंदावन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। खासकर सप्ताहांत और त्योहारों के दौरान यहां भीड़ अधिक रहती है। यमुना नदी में नौका विहार भी यहां का प्रमुख आकर्षण है।

हादसे वाले दिन भी पंजाब से आए श्रद्धालुओं का एक समूह वृंदावन दर्शन के लिए पहुंचा था। उन्होंने निधिवन और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और फिर यमुना में नौका विहार का आनंद लेने के लिए नाव में सवार हुए। बताया जाता है कि वे भजन-कीर्तन करते हुए पूरी तरह भक्ति में लीन थे।

इसी बीच, पांटून पुल हटाने का कार्य चल रहा था, जिसने इस हादसे को जन्म दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाव में सवार लोगों को लाइफ जैकेट भी नहीं दी गई थी, जो हादसे को और घातक बना गया।

इस हादसे का असर न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे देश में देखने को मिल रहा है। धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना बताती है कि तीर्थ स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों में अभी भी बड़ी खामियां हैं।

पर्यटन और धार्मिक यात्रा से जुड़े लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। एडीएम और एसपी के नेतृत्व में पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने नाव चालक पप्पू और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण को लापरवाही का दोषी मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, “लाइफ जैकेट का अभाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस हादसे के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

यह हादसा कई स्तरों पर लापरवाही की ओर इशारा करता है। सबसे बड़ी कमी सुरक्षा प्रबंधन की रही। जहां भारी मशीनों से पुल हटाया जा रहा था, वहां आम लोगों की आवाजाही को रोका जाना चाहिए था। इसके अलावा नाव में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाना और लाइफ जैकेट उपलब्ध न कराना भी गंभीर चूक है।

भारत में अक्सर धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों को हल्के में लिया जाता है। यह घटना एक चेतावनी है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में और बड़ी त्रासदियां हो सकती हैं।

मथुरा का यह नाव हादसा एक दर्दनाक सबक है, जो बताता है कि सुरक्षा में छोटी सी चूक भी कितनी बड़ी कीमत मांग सकती है। प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल इस मामले में दोषियों को सजा दिलाए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और स्थायी उपाय भी लागू करे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

1. मथुरा नाव हादसा कब हुआ था?
यह हादसा शुक्रवार को वृंदावन के केसी घाट पर हुआ था।

2. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई है?
अब तक 11 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

3. कितने लोग अभी भी लापता हैं?
करीब 4 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

4. हादसे का मुख्य कारण क्या माना जा रहा है?
लाइफ जैकेट की कमी और सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही मुख्य कारण हैं।

5. प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
नाव चालक और ठेकेदार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और जांच जारी है।