गाजियाबाद में मरीजों को बड़ी राहत: MMG जिला अस्पताल में शुरू हुई मुफ्त CT स्कैन सेवा, हजारों रुपये की बचत

गाजियाबाद में मरीजों को बड़ी राहत: MMG जिला अस्पताल में शुरू हुई मुफ्त CT स्कैन सेवा, हजारों रुपये की बचत
March 26, 2026 at 3:06 pm

गाजियाबाद के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जिले के सरकारी एमएमजी अस्पताल में अब मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा पूरी तरह निशुल्क दी जा रही है। जहां प्राइवेट अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में इस जांच के लिए मरीजों से 2000 से 5000 रुपये तक वसूले जाते हैं, वहीं अब सरकारी अस्पताल में यह सुविधा बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जा रही है। इस फैसले से खासतौर पर गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ा फायदा मिलने लगा है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर जांच होने से गंभीर बीमारियों का इलाज आसान हो जाता है और मरीज की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।

गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में शुरू की गई फ्री CT स्कैन सेवा ने स्वास्थ्य व्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव लाया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब अस्पताल में आने वाले मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर सीटी स्कैन की सुविधा बिना किसी शुल्क के दी जा रही है।
अस्पताल में पहले यह सुविधा सीमित थी और कई मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, निजी अस्पतालों में ब्रेन, चेस्ट या पेट का सीटी स्कैन कराने के लिए मरीजों को अलग-अलग शुल्क देना पड़ता है।
ब्रेन CT स्कैन के लिए लगभग 2000 से 3000 रुपये,
चेस्ट स्कैन के लिए 3000 से 4000 रुपये,
और एब्डोमेन स्कैन के लिए 4000 से 5000 रुपये तक खर्च करना पड़ता है।

ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह जांच कराना मुश्किल हो जाता था। कई बार लोग पैसे के अभाव में जांच टाल देते थे, जिससे बीमारी बढ़ जाती थी।
अब सरकारी अस्पताल में यह सुविधा मुफ्त मिलने से मरीजों को समय पर जांच और इलाज दोनों मिल पा रहा है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, रोजाना लगभग 70 से 100 मरीजों का CT स्कैन किया जा रहा है और किसी से भी शुल्क नहीं लिया जा रहा। इससे अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ी है और लोगों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर मजबूत हुआ है।

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा हिस्सा अभी भी निजी अस्पतालों पर निर्भर है। सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी के कारण कई लोग मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराते हैं, जहां खर्च काफी ज्यादा होता है।
सीटी स्कैन जैसी जांच गंभीर बीमारियों का पता लगाने के लिए जरूरी होती है, लेकिन इसकी कीमत अधिक होने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग समय पर जांच नहीं करा पाते।

सरकार पिछले कुछ वर्षों से सरकारी अस्पतालों में आधुनिक मशीनें लगाने और मुफ्त जांच की सुविधा बढ़ाने पर जोर दे रही है। आयुष्मान भारत योजना, जन औषधि योजना और सरकारी डायग्नोस्टिक सेवाओं के विस्तार के बाद अब कई जिलों में मुफ्त जांच की सुविधा शुरू की जा रही है।
गाजियाबाद का एमएमजी अस्पताल भी इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।

मुफ्त CT स्कैन सुविधा शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को मिल रहा है जो रोज कमाते और रोज खाते हैं। मजदूर, रिक्शा चालक, छोटे दुकानदार और ग्रामीण क्षेत्र के लोग अब बिना डर के अस्पताल आ रहे हैं।

इस सुविधा के कई बड़े प्रभाव सामने आ सकते हैं:

  • समय पर बीमारी की पहचान
  • इलाज का खर्च कम
  • गंभीर मरीजों की जान बचने की संभावना बढ़ी
  • सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बढ़ा
  • निजी अस्पतालों की मनमानी फीस पर रोक

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसी सुविधाएं पूरे देश में लागू हो जाएं तो स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ सकता है।

एमएमजी जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज की पहले डॉक्टर द्वारा जांच की जाती है। यदि डॉक्टर को लगता है कि मरीज को सीटी स्कैन की जरूरत है, तभी यह जांच कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का मकसद जरूरतमंद मरीजों को सही समय पर सही इलाज देना है और अनावश्यक जांच से बचाना भी है।

उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में नई मशीन और तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को सुविधा मिल सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में इलाज महंगा होने की सबसे बड़ी वजह जांच का खर्च है। कई बार मरीज दवा से ज्यादा पैसा टेस्ट में खर्च कर देता है।
ऐसे में सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच की सुविधा शुरू होना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गाजियाबाद में शुरू हुई यह सेवा एक मॉडल बन सकती है।
यदि हर जिला अस्पताल में CT स्कैन, MRI और अन्य जांच मुफ्त या कम शुल्क पर उपलब्ध हों तो

  • लोगों की आर्थिक परेशानी कम होगी
  • बीमारी जल्दी पकड़ी जाएगी
  • सरकारी अस्पतालों का उपयोग बढ़ेगा
  • निजी अस्पतालों की फीस पर नियंत्रण रहेगा

यह कदम खासतौर पर मध्यम वर्ग के लिए राहत भरा है, क्योंकि वह न तो पूरी तरह गरीब होता है और न ही महंगे इलाज का खर्च आसानी से उठा पाता है।

एमएमजी जिला अस्पताल में शुरू हुई मुफ्त CT स्कैन सेवा स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सराहनीय पहल है। इससे हजारों मरीजों को आर्थिक राहत मिल रही है और समय पर इलाज संभव हो पा रहा है।
अगर ऐसी सुविधाएं पूरे प्रदेश और देश में लागू की जाएं तो स्वास्थ्य सेवाएं ज्यादा सुलभ और सस्ती बन सकती हैं।
सरकारी अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार ही आम जनता के लिए सबसे बड़ी राहत साबित हो सकता है।

1. क्या MMG अस्पताल में CT स्कैन पूरी तरह मुफ्त है?
हाँ, डॉक्टर की सलाह पर CT स्कैन पूरी तरह निशुल्क किया जा रहा है।

2. क्या हर मरीज को मुफ्त जांच मिलती है?
नहीं, पहले डॉक्टर जांच करते हैं और जरूरत होने पर ही CT स्कैन कराया जाता है।

3. रोज कितने मरीजों का CT स्कैन हो रहा है?
लगभग 70 से 100 मरीजों का CT स्कैन प्रतिदिन किया जा रहा है।

4. प्राइवेट अस्पताल में CT स्कैन का कितना खर्च आता है?
2000 से 5000 रुपये या उससे ज्यादा।

5. इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा?
गरीब, मजदूर, मध्यम वर्ग और जरूरतमंद मरीजों को।