पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के एक युवक के घायल होने की खबर ने पूरे इलाके में चिंता का माहौल बना दिया है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुए मिसाइल हमले की चपेट में आकर 23 वर्षीय मोहम्मद आजम गंभीर रूप से घायल हो गया। फिलहाल वह रियाद के एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। परिवार ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है और सुरक्षित इलाज की मांग की है।
जानकारी के अनुसार मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के जाफराबाद गांव निवासी मोहम्मद आजम रोज़गार के सिलसिले में सऊदी अरब गया हुआ था। वह रियाद शहर में एक निजी वर्कशॉप में मैकेनिक का काम करता था। बीते दिनों रियाद में हुए मिसाइल हमले के दौरान वह काम पर मौजूद था, तभी अचानक हुए धमाके में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
आजम के साथ काम करने वाले एक अन्य युवक ने मोबाइल फोन के जरिए परिजनों को घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हुए। आजम को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती किया है और वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।
परिजनों के अनुसार आजम करीब एक साल पहले कमाने के लिए सऊदी अरब गया था। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए विदेश में काम कर रहा था। घर पर उसके माता-पिता और छोटे भाई-बहन रहते हैं। घटना की खबर मिलने के बाद पूरे गांव में चिंता और दुख का माहौल है।
पिछले कुछ समय से पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण कई बार मिसाइल हमलों और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ चुकी हैं। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल और तेलंगाना के लोग बड़ी संख्या में शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय अक्सर निर्माण, मैकेनिक, ड्राइवर और तकनीकी कामों में लगे होते हैं। ऐसे में किसी भी सैन्य तनाव का असर सीधे उन पर पड़ता है।
भारत सरकार पहले भी कई बार युद्ध जैसे हालात में अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान चला चुकी है। यमन संकट, कुवैत युद्ध और हाल के वर्षों में इजरायल-गाजा संघर्ष के दौरान भी भारतीयों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रयास किए गए थे।
इस घटना के बाद मुरादाबाद ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में विदेश में काम कर रहे लोगों के परिवारों में चिंता बढ़ गई है। बड़ी संख्या में युवा खाड़ी देशों में नौकरी करते हैं और उनके परिवार उनकी कमाई पर निर्भर रहते हैं।
यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। खाड़ी देशों से आने वाला पैसा कई राज्यों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत में महंगाई बढ़ने की आशंका भी रहती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे हालात में भारत सरकार को विदेशों में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की तैयारी रखनी होगी।
परिजनों ने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की मांग की है। परिवार का कहना है कि आजम का इलाज बेहतर अस्पताल में कराया जाए और यदि संभव हो तो उसे भारत लाने की व्यवस्था की जाए।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित विभागों को भेज दी गई है। विदेश मंत्रालय की ओर से भी ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास के माध्यम से मदद करने की प्रक्रिया होती है। हालांकि इस मामले में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि विदेशों में काम कर रहे लाखों भारतीय वैश्विक राजनीतिक तनाव का सीधा असर झेलते हैं। जब भी किसी क्षेत्र में युद्ध या सैन्य टकराव होता है, सबसे पहले खतरे में आम नागरिक और कामगार ही आते हैं।
भारत के लिए चुनौती यह है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और संकट के समय तुरंत प्रतिक्रिया दे। साथ ही यह भी जरूरी है कि विदेश जाने वाले मजदूरों और कामगारों का पूरा रिकॉर्ड सरकार के पास हो, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें ढूंढना और मदद पहुंचाना आसान हो।
दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है, जिससे भारत जैसे देशों को आर्थिक दबाव झेलना पड़ सकता है।
मुरादाबाद के मोहम्मद आजम के घायल होने की खबर ने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का असर सीमाओं तक सीमित नहीं रहता। विदेशों में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा एक बड़ी जिम्मेदारी है। परिवार को उम्मीद है कि सरकार जल्द मदद करेगी और आजम की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। पूरे गांव और इलाके के लोग उसकी सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
1. मोहम्मद आजम कौन हैं?
मोहम्मद आजम उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के जाफराबाद गांव के रहने वाले 23 वर्षीय युवक हैं जो सऊदी अरब में काम करते थे।
2. घटना कहां हुई?
यह घटना सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुए मिसाइल हमले के दौरान हुई।
3. आजम की हालत कैसी है?
वह गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में वेंटिलेटर पर भर्ती हैं।
4. परिवार ने क्या मांग की है?
परिवार ने भारत सरकार से बेहतर इलाज और मदद की गुहार लगाई है।
5. क्या भारतीय दूतावास मदद करेगा?
ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास आमतौर पर मदद करता है और बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।
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