राजस्थान के रहने वाले रामदीन नाम के एक तीर्थयात्री ने इस बार माघ मेला 2026 में अपने आस्था के जज़्बे से एक अनूठा चरित्र प्रस्तुत किया है। रामदीन ने लगभग 942 किलो मीटर की दूरी पैदल चलकर तय की और संगम तट पर स्नान तथा भगवान की पूजा करके अपनी यात्रा को यादगार बनाया।
लोगों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी इस यात्रा ने सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा पाई है, जहाँ रामदीन के इस विश्वासभरे प्रयास को श्रद्धा और सच्ची भक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
तीर्थयात्रा के दौरान उन्होंने कठिन मौसम, थकान और विपरीत परिस्थितियों का सामना किया लेकिन हर हाल में प्रयागराज के ऐतिहासिक माघ मेले तक पहुँचने का अपना लक्ष्य पूरा किया। यह यात्रा न केवल शारीरिक सहनशीलता का प्रतीक रही बल्कि उनकी अदम्य श्रद्धा और आस्था का सबसे बड़ा उदाहरण भी है।
धार्मिक सलाहकारों का कहना है कि इस प्रकार की लंबी यात्रा किसी साधना और तपस्या से कम नहीं होती, और इससे आत्मिक शांति तथा पुण्य की प्राप्ति में विश्वास रखने वालों को प्रोत्साहन मिलता है।
माघ मेला, जो संगम तट पर आयोजित होता है, भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है जहाँ भक्तगण स्नान, दान, पूजा और भक्ति मार्ग में भाग लेते हैं। इस वर्ष में भी लाखों श्रद्धालु तीन प्रमुख स्नान दिनों समेत पूरा माघ मास उत्साह और भक्ति के साथ मना रहे हैं।
रामदीन की कहानी न सिर्फ उनकी आत्मीय आस्था दर्शाती है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो अपने विश्वास को आगे बढ़ाना चाहते हैं।