उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) पर लगे गंभीर आरोपों की पुष्टि होने के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। कृष्ण कुमार बिश्नोई, पुलिस अधीक्षक (SP) ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरी SOG टीम को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई में SOG प्रभारी उपनिरीक्षक मोहित कुमार समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, SOG टीम पर एक कबाड़ी के साथ मारपीट, अवैध वसूली और जबरन धातु कब्जाने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच आलोक भाटी, सीओ संभल को सौंपी गई थी।
सीओ द्वारा सौंपी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून के रखवाले अगर कानून तोड़ते हैं, तो उनके खिलाफ भी बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होगी।
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला संभल के संभल कोतवाली क्षेत्र के लाडम सराय इलाके से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, SOG टीम ने मुरादाबाद जिले के बिलारी निवासी एक कबाड़ी को हिरासत में लिया था। आरोप है कि उसके पास से मोबाइल प्लेट से निकली सिल्वर धातु मिलने का दावा कर उसे चौधरी सराय पुलिस चौकी ले जाया गया।
पीड़ित के अनुसार, वहां कमरे में बैठाकर उसके साथ मारपीट की गई। बाद में एक स्थानीय कबाड़ी के माध्यम से रुपये वसूल कर उसे छोड़ दिया गया, जबकि बरामद धातु टीम ने अपने पास रख ली।
सामान लौटाने के बदले फिर मांगे रुपये
कबाड़ी का यह भी आरोप है कि रिहा करने के बाद SOG टीम ने धातु वापस करने के बदले और अधिक पैसों की मांग की। इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी फैल गई। मामला मीडिया में सामने आते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
संभल में SOG टीम पर गिरी गाज, मारपीट और अवैध वसूली के आरोप साबित, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड